धनबाद रिंग रोड घोटाले में एसीबी की बड़ी कार्रवाई
धनबाद। जिले के बहुचर्चित रिंग रोड घोटाले मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को बड़ी कामयाबी मिली है। एसीबी की टीम ने इस मामले में आरोपी नरसिंह दास को बिहार के अरवल जिले से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी की जा रही है। इस कार्रवाई से करीब एक दशक से जांच के दायरे में रहे रिंग रोड घोटाले का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
फर्जी दस्तावेजों से करोड़ों के राजस्व नुकसान का आरोप
रिंग रोड घोटाले में आरोप है कि फर्जी कागजात के सहारे करोड़ों रुपये के राजस्व का गबन किया गया। इसी मामले में नरसिंह दास की भूमिका की जांच की जा रही थी। एसीबी ने उसे बिहार के अरवल जिले से गिरफ्तार किया है। हालांकि, उसकी गिरफ्तारी से जुड़े विस्तृत घटनाक्रम और कथित गबन में उसकी सटीक भूमिका को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
वर्ष 2016 से चल रही है घोटाले की जांच
धनबाद के इस चर्चित मामले की जांच वर्ष 2016 से चल रही है। लंबे समय से जांच के कारण यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब नरसिंह दास की गिरफ्तारी को जांच की दिशा में अहम कार्रवाई माना जा रहा है। गिरफ्तारी के बाद एसीबी उससे पूछताछ और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर सकती है।

समाजसेवी रमेश राही की शिकायत के बाद सामने आया था मामला
जानकारी के मुताबिक, समाजसेवी रमेश राही की शिकायत के बाद रिंग रोड घोटाले का मामला सामने आया था। शिकायत में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर राजस्व से जुड़े कथित घोटाले का आरोप लगाया गया था। इसके बाद मामले की जांच शुरू हुई थी। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर एसीबी आगे की कार्रवाई कर रही है।
न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी
नरसिंह दास की गिरफ्तारी के बाद अब उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद मामले में आगे की जांच और पूछताछ पर नजर रहेगी। एसीबी की जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि कथित घोटाले में अन्य कौन-कौन लोग शामिल थे और फर्जी दस्तावेजों के जरिए राजस्व का नुकसान किस तरह किया गया।

