धनबाद: धैया स्थित ठाकुर कुल्ही छठ घाट पर अब भव्य सूर्य मंदिर का निर्माण शुरू हो गया है। श्री श्री सार्वजनिक छठ पूजा समिति, ठाकुर कुल्ही की ओर से यह निर्माण कार्य कराया जा रहा है। तालाब के बीचों-बीच मंदिर निर्माण के लिए पिलर बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। इस पहल से क्षेत्र के श्रद्धालुओं में उत्साह है। समिति ने मंदिर निर्माण को जल्द पूरा करने के उद्देश्य से सभी श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों से सहयोग की अपील की है।
तालाब के बीच शुरू हुआ मंदिर का निर्माण
ठाकुर कुल्ही छठ घाट पर सूर्य मंदिर बनाने की योजना को अब धरातल पर उतारा जा रहा है। तालाब के बीच मंदिर के पिलर का काम शुरू हो चुका है। निर्माण कार्य में सुविधा के लिए बांस की चचरी तैयार की गई है, जिसके सहारे श्रद्धालु और समिति से जुड़े लोग काम में जुटे हैं।
समिति की ओर से घाट पर बैनर भी लगाया गया है। इसके माध्यम से लोगों से मंदिर निर्माण में यथासंभव सहयोग देने का आग्रह किया गया है। समिति का कहना है कि सामूहिक सहयोग से इस धार्मिक कार्य को जल्द पूरा कराया जा सकता है।
कुम्भ नाथ सिंह पप्पू सिंह ने हरसंभव मदद का दिया भरोसा
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित कुम्भ नाथ सिंह पप्पू सिंह ने मंदिर निर्माण को आस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्य बताया। उन्होंने कहा कि यह भगवान का काम है और इसमें हरसंभव मदद की जाएगी।
उन्होंने कहा कि ठाकुर कुल्ही छठ तालाब में सूर्य मंदिर बनने से क्षेत्र के निवासियों को पूजा-पाठ करने में सुविधा होगी। मंदिर के निर्माण से घाट की धार्मिक पहचान भी और मजबूत होगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस कार्य को अपना समझकर सभी मिलजुल कर सहयोग करें।

सूर्य मंदिर निर्माण को लेकर श्रद्धालुओं से अपील
पप्पू सिंह ने कहा कि सूर्य भगवान सभी को आशीर्वाद दें और हर घर में सुख-समृद्धि तथा खुशहाली बनी रहे। उन्होंने सभी के स्वस्थ और निरोग रहने की कामना करते हुए कहा कि मंदिर निर्माण आस्था का विषय है। इसलिए समाज के सभी लोगों को इसमें अपनी क्षमता के अनुसार योगदान देना चाहिए।
समिति भी लगातार लोगों से संपर्क कर सहयोग जुटाने की कोशिश कर रही है। उसका लक्ष्य है कि श्रद्धालुओं के सामूहिक प्रयास से मंदिर का निर्माण जल्द से जल्द पूरा हो सके।
हर साल हजारों व्रती करते हैं छठ पूजा
ठाकुर कुल्ही छठ घाट धनबाद के प्रमुख और बड़े छठ घाटों में गिना जाता है। प्रत्येक वर्ष छठ महापर्व के अवसर पर यहां हजारों व्रती भगवान सूर्य को अर्घ्य देने और पूजा-अर्चना करने पहुंचते हैं। ऐसे में तालाब के बीच सूर्य मंदिर का निर्माण स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है।
मंदिर तैयार होने के बाद यहां आने वाले श्रद्धालुओं को नियमित पूजा-पाठ के लिए एक नया धार्मिक स्थल उपलब्ध होगा। समिति ने क्षेत्र के लोगों से इस पहल में भागीदार बनने और निर्माण कार्य को सफल बनाने की अपील की है।

