धनबाद में DMFT योजनाओं पर उपायुक्त आदित्य रंजन सख्त, काम शुरू नहीं करने वाली एजेंसियों के टेंडर होंगे रद्द

धनबाद में DMFT योजनाओं पर उपायुक्त आदित्य रंजन सख्त, काम शुरू नहीं करने वाली एजेंसियों के टेंडर होंगे रद्द

DMFT योजनाओं में देरी पर उपायुक्त की सख्ती

धनबाद। जिले में DMFT मद से संचालित विकास योजनाओं को लेकर उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को समाहरणालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने लंबित योजनाओं को जल्द पूरा करने और अब तक काम शुरू नहीं करने वाली एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

बैठक में उप विकास आयुक्त सन्नी राज सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता और DMFT-PMU की टीम मौजूद रही। पेयजल एवं स्वच्छता, ग्रामीण कार्य, पथ निर्माण, लघु सिंचाई, भवन निर्माण, बिजली, शिक्षा और अन्य विभागों की योजनाओं की एजेंसीवार समीक्षा की गई।

उपायुक्त ने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने और तकनीकी मानकों का पालन करते हुए निर्धारित समय-सीमा में योजनाएं पूरी करने का निर्देश दिया।

काम शुरू नहीं करने वाली एजेंसियों के टेंडर रद्द करने की चेतावनी

ग्रामीण कार्य विभाग की समीक्षा के दौरान कई सड़कों के निर्माण कार्य लंबित होने की जानकारी सामने आई। इस पर उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिन योजनाओं पर अब तक काम शुरू नहीं हुआ है, उन्हें जल्द शुरू कराया जाए। निर्धारित समय-सीमा में काम शुरू नहीं करने वाली योजनाओं के टेंडर रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।

लघु सिंचाई प्रमंडल की योजनाओं की समीक्षा में तालाब निर्माण और अन्य लंबित कार्यों की निविदा प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने को कहा गया। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि शेष तालाब योजनाओं की निविदा प्रक्रिया 30 नवंबर तक अनिवार्य रूप से पूरी की जाए।

उन्होंने ऐसी एजेंसियों को चिह्नित करने का भी निर्देश दिया, जिन्होंने कई स्थानों पर योजनाएं ले रखी हैं, लेकिन कुछ जगहों पर ही काम शुरू किया है। बाकी स्थानों पर काम लंबित रहने पर संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

नवंबर के अंत तक 156 आंगनबाड़ी केंद्रों का काम शुरू करने का लक्ष्य

बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों, विद्यालयों की बाउंड्री वॉल और रंग-रोगन, स्वास्थ्य उपकेंद्रों, लेबर रूम, पार्किंग शेड तथा योग शेड के निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई।

उपायुक्त ने नवंबर माह के अंत तक 156 आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कार्य शुरू कराने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों से लंबित योजनाओं का स्थल निरीक्षण करने और निर्माण कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने को कहा।

पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वच्छ पेयजल और शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। माडा और नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों को सीधे जलापूर्ति कनेक्शन से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।

इसके अलावा सूखाग्रस्त क्षेत्रों की सूची तैयार करने और सरकारी निचली भूमि पर नए तालाब बनाने का प्रस्ताव तैयार करने की जिम्मेदारी DMFT-PMU को सौंपी गई।

मटकुरिया फ्लाईओवर का 25 प्रतिशत काम पूरा

पथ निर्माण एवं सेतु परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान कार्यपालक अभियंता ने बताया कि गया ब्रिज का बॉक्स निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। रेलवे की ओर से चिह्नित शेष स्थानों से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी।

मटकुरिया फ्लाईओवर परियोजना के 26 पिलरों पर काम जारी है और अब तक लगभग 25 प्रतिशत कार्य पूरा होने की जानकारी दी गई। वहीं, बेलगड़िया सड़क निर्माण के लिए भू-अर्जन से संबंधित अवॉर्ड तैयार कर आगे की प्रक्रिया बढ़ाने का निर्देश दिया गया।

भवन निर्माण विभाग की योजनाओं में शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SNMMCH) के गेट सहित अन्य निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने लंबित कार्य जल्द पूरा कर संबंधित विभाग को हस्तांतरित करने को कहा।

कुछ स्थानों पर असामाजिक तत्वों के कारण निर्माण कार्य प्रभावित होने की जानकारी पर उन्होंने मजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति और आवश्यक पुलिस बल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि अधिकारी स्थल पर मौजूद रहकर काम पूरा करा सकें।

स्वास्थ्य सुविधाओं और अस्पतालों के कार्यों में तेजी लाने का निर्देश

स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा में SSLNT अस्पताल में थैलेसीमिया वार्ड का निर्माण और 50 अतिरिक्त बेड जल्द चालू कराने पर विशेष जोर दिया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण, जीर्णोद्धार और बाउंड्री वॉल के लिए शीघ्र प्राक्कलन तैयार करने तथा लंबित कार्य पूरे करने का निर्देश दिया गया।

इसके अलावा स्वास्थ्य उपकेंद्रों, लेबर रूम और अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं से संबंधित निर्माण कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा गया। बीआरसी भवनों के निर्माण एवं मरम्मत कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश भी दिए गए।

उपायुक्त ने निरसा हाट बाजार का निर्माण कार्य अविलंब शुरू करने और दाल-भात केंद्रों के निर्माण तथा जीर्णोद्धार को प्राथमिकता देने को कहा। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को पुराने वित्तीय वर्ष की रद्द या शुरू नहीं हुई योजनाओं से संबंधित राशि वापस जमा कराने और वित्तीय वर्ष 2026-27 की योजनाओं पर जल्द काम शुरू करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में उप विकास आयुक्त सन्नी राज, निदेशक डीआरडीए राजीव रंजन, अनुमंडल पदाधिकारी जी. लोकेश बारंगे सहित विभिन्न विभागों के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, पदाधिकारी और DMFT-PMU टीम के सदस्य मौजूद रहे।

स्रोत: जिला जनसम्पर्क कार्यालय, धनबाद | प्रेस विज्ञप्ति संख्या 1319, दिनांक 26 अक्टूबर 2026।

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