धनबाद में अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर प्रशासन सख्त, 4 आवेदन अस्वीकृत
धनबाद: जिले में अल्ट्रासाउंड सेंटरों के पंजीकरण और नवीनीकरण को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन की अध्यक्षता में पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के तहत जिला सलाहकार समिति की बैठक हुई। इसमें निर्धारित मानकों में कमी और नियमों की अनदेखी के कारण नए पंजीकरण के तीन आवेदन तथा नवीनीकरण का एक आवेदन अस्वीकृत कर दिया गया।
जिला जनसंपर्क कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, बैठक में अल्ट्रासाउंड सेंटरों के पंजीकरण और नवीनीकरण से संबंधित आवेदनों की समीक्षा की गई। प्रशासन ने सेंटरों को कमियां दूर करने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
नए पंजीकरण के 18 और नवीनीकरण के 17 आवेदनों की समीक्षा
बैठक में नए पंजीकरण के लिए प्राप्त 18 आवेदनों और नवीनीकरण के लिए आए 17 आवेदनों पर विचार किया गया। निर्धारित मानकों में कमी पाए जाने पर नए पंजीकरण के तीन आवेदन अस्वीकृत कर दिए गए।
वहीं, नवीनीकरण के 17 आवेदनों में से एक अल्ट्रासाउंड सेंटर का आवेदन नियमों की अनदेखी के कारण निरस्त किया गया। शेष नवीनीकरण मामलों में कमियों को दूर करने के बाद ही अंतिम निर्णय लेने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
20 नवंबर तक कमियां दूर करने का निर्देश
उपायुक्त आदित्य रंजन ने संबंधित अल्ट्रासाउंड सेंटरों को कमियां दूर करने के लिए 20 नवंबर 2026 तक का समय दिया है। उन्होंने निर्देश दिया कि नवीनीकरण से पहले सभी संबंधित सेंटरों को नोटिस जारी किया जाए और निरीक्षण में सामने आई कमियों का समाधान कराया जाए।
प्रशासन के अनुसार, कमियों को दूर करने की पुष्टि के बाद ही आगामी बैठक में नवीनीकरण पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इससे सेंटरों के संचालन में निर्धारित मानकों के अनुपालन की जांच की जा सकेगी।
20 नवंबर से 1 दिसंबर तक होगा सघन निरीक्षण
जिले के संबंधित अल्ट्रासाउंड सेंटरों का 20 नवंबर से 1 दिसंबर 2026 तक सघन भौतिक निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान यह देखा जाएगा कि सेंटरों ने पहले बताई गई कमियों को दूर किया है या नहीं।
उपायुक्त ने जिला सलाहकार समिति को सभी अल्ट्रासाउंड क्लिनिकों का नियमित और औचक निरीक्षण जारी रखने का निर्देश भी दिया। इसका उद्देश्य निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करना और अनियमितताओं पर रोक लगाना है।
अल्ट्रासाउंड सेंटरों में रेट चार्ट प्रदर्शित करना अनिवार्य
बैठक में सभी अल्ट्रासाउंड क्लिनिकों को जांच की दरों से संबंधित रेट चार्ट प्रमुखता से प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया। इससे मरीजों और उनके परिजनों को जांच शुल्क की जानकारी आसानी से मिल सकेगी।
बैठक में प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. संजीव कुमार प्रसाद, कार्यपालक दंडाधिकारी नारायण राम, डॉ. विकास राणा, डॉ. राजकुमार सिंह, डॉ. राकेश इंदर सिंह, एपीपी सत्येंद्र कुमार राय, नीता सिन्हा, पूजा रत्नाकर और सिविल सर्जन कार्यालय के आर.के. श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सेंटरों के निरीक्षण, कमियों के सुधार और नियमों के अनुपालन के आधार पर नवीनीकरण संबंधी मामलों में आगे निर्णय लिया जाएगा।

