Dhanbad News: विजयदशमी पर दुबे अखाड़ा सिंदरी में बजरंगबली की पूजा, भव्य कुश्ती प्रतियोगिता में दिखा पहलवानों का दम

Dhanbad News: विजयदशमी पर दुबे अखाड़ा सिंदरी में बजरंगबली की पूजा, भव्य कुश्ती प्रतियोगिता में दिखा पहलवानों का दम

विजयदशमी पर बजरंगबली और ध्वजा की हुई पूजा

धनबाद, सिंदरी: विजयदशमी के पावन अवसर पर सिंदरी स्थित दुबे अखाड़ा में धार्मिक आस्था और पारंपरिक पहलवानी का अनूठा संगम देखने को मिला। इस मौके पर श्री हनुमान मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इसके साथ ही बजरंगबली की ध्वजा की पूजा कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की गई।

अखाड़े में आयोजित कार्यक्रम में लोगों ने श्रद्धा के साथ हिस्सा लिया। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ पारंपरिक खेल संस्कृति को भी विशेष महत्व दिया गया।

दुबे अखाड़ा में भव्य कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन

विजयदशमी के अवसर पर दुबे अखाड़ा की ओर से भव्य कुश्ती प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें शामिल पहलवानों ने अपनी कुश्ती कला, ताकत और दमखम का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता को देखने के लिए स्थानीय लोगों में खासा उत्साह रहा।

कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों का माल्यार्पण कर और गुलदस्ते भेंट करके स्वागत किया गया। वहीं, प्रतियोगिता में भाग लेने वाले पहलवानों को अतिथियों के हाथों पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इससे खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ा और पारंपरिक कुश्ती को प्रोत्साहन मिला।

1952 में हुई थी दुबे अखाड़ा की स्थापना

दुबे अखाड़ा का इतिहास काफी पुराना है। इसकी स्थापना वर्ष 1952 में स्वर्गीय बलराम दुबे ने की थी। तब से यह अखाड़ा विजयदशमी के अवसर पर धार्मिक परंपराओं के निर्वहन के साथ कुश्ती और पहलवानी की संस्कृति को आगे बढ़ाता आ रहा है।

अखाड़े का वार्षिक आयोजन स्थानीय परंपरा, सामाजिक मेलजोल और पारंपरिक खेलों के संरक्षण का प्रतीक बना हुआ है।

अभिषेक सिंह और विधायक चंद्रदेव महतो रहे मौजूद

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जनता मजदूर संघ के महामंत्री अभिषेक सिंह शामिल हुए। सिंदरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक चंद्रदेव महतो की भी उपस्थिति रही।

इसके अलावा वेद प्रकाश ओझा, दिनेश सिंह, बृजेश सिंह, कामेश्वर सिंह, शैलेंद्र दुबे, दामोदर दुबे, श्रीराम दुबे, नंदा दुबे, अभय दुबे और आशीष दुबे सहित कई गणमान्य लोग कार्यक्रम में मौजूद रहे।

धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता का संदेश

दुबे अखाड़ा का विजयदशमी आयोजन केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं रहा। इसने सामाजिक एकता, अतिथि-सम्मान और पारंपरिक खेलों के प्रति लोगों की आस्था को भी प्रदर्शित किया।

कुश्ती प्रतियोगिता के जरिए सिंदरी की पुरानी अखाड़ा परंपरा को एक बार फिर जीवंत करने का प्रयास किया गया। ऐसे आयोजन स्थानीय खेल संस्कृति और पारंपरिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

रिपोर्ट: NEWS ANP के लिए सिंदरी से राज कुमार शर्मा के साथ प्रेम प्रकाश शर्मा।

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