दृष्टिबाधित लोगों तक समाचार और जरूरी जानकारियां पहुंचाने की दिशा में रिलायंस फाउंडेशन ने महत्वपूर्ण पहल की है। फाउंडेशन के दृष्टि कार्यक्रम के तहत प्रकाशित होने वाले हिंदी और मराठी ब्रेल अखबार अब पाक्षिक के बजाय साप्ताहिक प्रकाशित किए जाएंगे। इससे पाठकों को हर सप्ताह देश-दुनिया की घटनाओं और समसामयिक विषयों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
रिलायंस फाउंडेशन इन अखबारों का प्रकाशन नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड (NAB) इंडिया के साथ मिलकर करता है। फाउंडेशन के अनुसार, इन अखबारों के पाठकों की संख्या 30 हजार से अधिक है। प्रकाशन की आवृत्ति बढ़ने से पाठकों को सूचनाएं अधिक नियमित रूप से उपलब्ध हो सकेंगी।
NAB इंडिया के साथ मिलकर किया जा रहा प्रकाशन
रिलायंस फाउंडेशन की संस्थापक और चेयरपर्सन नीता एम. अंबानी दृष्टिबाधित लोगों के लिए सूचना की पहुंच और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने से जुड़ी पहलों का समर्थन करती रही हैं।
इस साल जनवरी में मुंबई में NAB इंडिया के 75वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान उन्होंने फाउंडेशन की ओर से पांच करोड़ रुपये की सहायता देने की घोषणा की थी। हिंदी और मराठी ब्रेल अखबारों का साप्ताहिक प्रकाशन इसी व्यापक पहल का हिस्सा बताया गया है।
इस बदलाव से दृष्टिबाधित पाठकों को समाचारों के लिए कम इंतजार करना पड़ेगा और वे सामाजिक, आर्थिक तथा राष्ट्रीय घटनाक्रम से अधिक नियमित रूप से जुड़े रह सकेंगे।
2003 में शुरू हुआ था रिलायंस फाउंडेशन का दृष्टि कार्यक्रम
रिलायंस फाउंडेशन का दृष्टि कार्यक्रम वर्ष 2003 में शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को बेहतर नेत्र चिकित्सा उपलब्ध कराना और दृष्टिबाधित लोगों के जीवन को आसान बनाने में सहायता करना है।
कार्यक्रम के तहत मुफ्त आंखों की जांच, कॉर्निया प्रत्यारोपण और चश्मे उपलब्ध कराने जैसे प्रयास किए जाते हैं। इन सेवाओं के लिए फाउंडेशन ने NAB इंडिया, शंकरा आई फाउंडेशन और अरविंद आई केयर सिस्टम जैसी संस्थाओं के साथ साझेदारी की है।
दो लाख से अधिक लोगों तक पहुंची मदद
रिलायंस फाउंडेशन के मुताबिक, दृष्टि कार्यक्रम के माध्यम से अब तक दो लाख से अधिक लोगों तक सहायता पहुंचाई जा चुकी है। इसके अलावा, 22,500 से अधिक लोगों की आंखों की रोशनी लौटाने में मदद मिलने की जानकारी दी गई है।
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल नेत्र चिकित्सा उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि दृष्टिबाधित लोगों को आत्मविश्वास के साथ जीवन जीने और समाज में सक्रिय भागीदारी के अवसर देना भी है।
ब्रेल अखबारों से सूचना तक पहुंच होगी बेहतर
हिंदी और मराठी ब्रेल अखबारों का साप्ताहिक प्रकाशन दृष्टिबाधित पाठकों के लिए सूचना की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नियमित प्रकाशन से पाठकों को समसामयिक घटनाओं, सामाजिक मुद्दों और जरूरी जानकारियों से जुड़े रहने में मदद मिलेगी।
रिलायंस फाउंडेशन और NAB इंडिया की यह पहल नेत्र स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ सूचना तक समान पहुंच के महत्व को भी रेखांकित करती है।

