धनबाद। INDIA गठबंधन के आह्वान पर बुधवार को धनबाद में ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ मार्च निकाला गया। गांधी सेवा सदन से शुरू हुआ यह पैदल मार्च रणधीर वर्मा चौक होते हुए बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक तक पहुंचा। मार्च में कांग्रेस के साथ भाकपा माले, सीपीएम, SUCI, CPI, फॉरवर्ड ब्लॉक और SFI के नेता व कार्यकर्ता शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत गांधी सेवा सदन में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई। इसके बाद बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र, संविधान और मताधिकार की रक्षा के समर्थन में नारे लगाए। कार्यक्रम की अध्यक्षता धनबाद जिला कांग्रेस अध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने की, जबकि संचालन भाकपा माले जिला सचिव बिंदा पासवान ने किया।
मतदाता सूची और कथित ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाया
मार्च के दौरान INDIA गठबंधन के नेताओं ने मतदाता सूची और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार तथा निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए। नेताओं ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए और लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना जरूरी है।
नेताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। हालांकि, ‘वोट चोरी’ और मतदाता सूची में गड़बड़ी से जुड़े दावे गठबंधन के नेताओं की ओर से लगाए गए आरोप हैं।
Form-6 को लेकर संतोष कुमार सिंह ने उठाए सवाल
धनबाद जिला कांग्रेस अध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने कहा कि यह मार्च लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए जनता की आवाज है। उन्होंने कहा कि मताधिकार की निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करना संवैधानिक संस्थाओं की जिम्मेदारी है।
उन्होंने Form-6 में कथित बदलाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि यदि किसी संशोधित Form-6 को न्यायालय की मंजूरी प्राप्त नहीं थी, तो उसमें बदलाव किस स्तर पर और किस प्रक्रिया के तहत किया गया।
संतोष कुमार सिंह ने कहा कि कांग्रेस किसी व्यक्ति या संस्था को न्यायालय के अंतिम निर्णय से पहले दोषी घोषित नहीं कर रही है। उनकी मांग है कि पूरे मामले का रिकॉर्ड सार्वजनिक किया जाए और तथ्यों को सामने रखा जाए। यदि किसी स्तर पर निर्धारित नियम या प्रक्रिया का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदारी तय की जाए।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और मताधिकार के इस्तेमाल की प्रक्रिया राजनीतिक दलों से ऊपर का विषय है और किसी पात्र नागरिक को उसके मताधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
सहयोगी दलों ने भी लोकतांत्रिक अधिकारों की बात कही
कांग्रेस के धनबाद प्रभारी राकेश किरण महतो और शकील अख्तर अंसारी ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत जनता का विश्वास है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर उठने वाले सवालों का जवाब पारदर्शिता और संवैधानिक प्रक्रिया के जरिए दिया जाना चाहिए।
भाकपा माले के जिला सचिव बिंदा पासवान ने कहा कि लोकतंत्र में जनता के वोट की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मताधिकार से जुड़े सवालों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और इस मुद्दे को व्यापक जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा।
सीपीएम के वरिष्ठ नेता गोपीकांत बख्शी ने भी निष्पक्ष चुनाव और मतदाता के अधिकारों की सुरक्षा को लोकतंत्र की बुनियादी शर्त बताया। उन्होंने कहा कि INDIA गठबंधन के साथ मिलकर लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को आगे उठाया जाएगा।
SUCI के जिला सचिव अनिल बाउरी और CPI के जिला सचिव फिरोज कुरैशी के नेतृत्व में भी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मार्च में भाग लिया।
अंबेडकर चौक पर संविधान के अनुच्छेद 326 का वाचन
मार्च के समापन के बाद बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर भारतीय संविधान के अनुच्छेद 326 का सार्वजनिक वाचन किया गया। इस दौरान वयस्क मताधिकार के संवैधानिक प्रावधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक के मत के महत्व की जानकारी दी गई।
कार्यकर्ताओं ने मताधिकार की रक्षा, कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ गाकर कार्यक्रम का समापन किया। मार्च में कांग्रेस, भाकपा माले, सीपीएम, SUCI और CPI समेत विभिन्न घटक दलों के बड़ी संख्या में नेता एवं कार्यकर्ता शामिल हुए।

