धनबाद। बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के बड़ा जमुआ स्थित मंदाकिनी उच्च विद्यालय मैदान के पास सब्जी मंडी में शनिवार देर रात अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने मंडी में बनी झोपड़ीनुमा दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि दुकानदारों को सामान बचाने तक का मौका नहीं मिला। घटना में करीब 18 सब्जी दुकानें पूरी तरह जलकर राख हो गईं।
आग की लपटों से मची अफरा-तफरी
आग लगने के बाद मंडी और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। दुकानों में रखी सब्जियां, बिक्री के लिए रखा अन्य सामान और दुकान से जुड़ी सामग्री जलकर नष्ट हो गई। आग की लपटें देखकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और अपने स्तर से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तेज लपटों के कारण उन्हें काफी परेशानी हुई।
मंडी में बांस-बल्ली और प्लास्टिक की मदद से झोपड़ीनुमा दुकानें बनाई गई थीं। ज्वलनशील सामग्री के कारण आग ने कुछ ही समय में कई दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया।
दमकल की गाड़ी ने पाया आग पर काबू
घटना की सूचना मिलते ही दमकल की एक गाड़ी मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक अधिकांश दुकानें पूरी तरह जल चुकी थीं।
आग में दुकान, सब्जियां और अन्य सामान नष्ट होने से कारोबारियों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। कई दुकानदारों ने बताया कि सब्जी बिक्री ही उनकी आय का मुख्य साधन है। एक ही रात में दुकान और माल के जल जाने से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
दुकानदारों ने जताई साजिश की आशंका
आग लगने के बाद कुछ दुकानदारों ने आशंका जताई कि किसी शरारती तत्व ने जानबूझकर दुकानों में आग लगाई है। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारण की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बरवाअड्डा थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी है। पुलिस आग लगने के कारणों का पता लगाने के साथ घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
प्रशासन से राहत की मांग
दुकानदारों के मुताबिक नुकसान का आकलन होने के बाद ही आग से हुई वास्तविक क्षति का पता चल सकेगा। प्रभावित दुकानदारों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराने और उचित राहत उपलब्ध कराने की मांग की है।
दुकानदारों का कहना है कि आग में उनकी दुकानें और कारोबार का बड़ा हिस्सा खत्म हो गया है। ऐसे में प्रशासनिक सहायता मिलने से उन्हें दोबारा अपना व्यवसाय शुरू करने में मदद मिल सकती है।

