धनबाद। वासेपुर के चर्चित फहीम खान के घर वर्ष 2004 में हुए AK-47 हमले के मामले में करीब 22 साल बाद अदालत ने तीन दोषियों को सजा सुनाई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय पारस कुमार सिन्हा की अदालत ने शाहिद आलम, शहादत हुसैन और तनवीर आलम को हत्या समेत विभिन्न धाराओं में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने अलग-अलग धाराओं में दी गई सजाओं को साथ-साथ चलाने का आदेश दिया है।
हत्या और आपराधिक साजिश में उम्रकैद
अदालत ने तीनों दोषियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 120बी और 149 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत 7 साल और धारा 307 के तहत 10 साल की सजा भी सुनाई गई है।
पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता शाहबाज सलाम के अनुसार, अदालत ने सभी सजाओं को साथ-साथ चलाने का आदेश दिया है। इस तरह मामले में हत्या, आपराधिक साजिश, गैरकानूनी जमावड़े, हत्या के प्रयास और हथियार से जुड़े प्रावधानों के तहत दोषियों को सजा मिली है।
29 जनवरी 2004 को हुआ था हमला
यह मामला 29 जनवरी 2004 का है। उस समय वासेपुर स्थित फहीम खान के घर पर AK-47 समेत अन्य अत्याधुनिक हथियारों से गोलीबारी की गई थी। हमले के दौरान फहीम खान ने पड़ोसी की छत पर कूदकर अपनी जान बचाई थी।
फायरिंग में उनके बॉडीगार्ड विनोद शर्मा की मौत हो गई थी। घटना के दौरान शाहिद नामक व्यक्ति के पैर में भी गोली लगी थी। मामले की जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ लंबे समय तक अदालत में सुनवाई चली।
28 सितंबर को तीनों को दोषी करार दिया गया था
करीब 22 साल पुराने इस मामले में अदालत ने 28 सितंबर 2026 को शाहिद आलम, शहादत हुसैन और तनवीर आलम को दोषी करार दिया था। इसके बाद अदालत ने सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 3 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की थी।
तीनों को दोषी करार दिए जाने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। इसके बाद शनिवार को अदालत ने सजा सुनाई।
22 साल बाद मामले में आया सजा का फैसला
वासेपुर के इस चर्चित फायरिंग मामले में लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद अब तीन दोषियों के खिलाफ सजा सुनाई गई है। अदालत के फैसले के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया भी जारी रहेगी।

