निरसा, धनबाद। ईसीएल की राजा कोलियरी में कथित अवैध कोयला खनन की सूचना मिलने के बाद शुक्रवार को निरसा के माले विधायक अरूप चटर्जी अपनी टीम के साथ खदान के अंदर पहुंचे। वहां उन्होंने कई अवैध मुहानों का निरीक्षण किया। इसके बाद सीआईएसएफ और कोलियरी प्रबंधन की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए खनन में इस्तेमाल होने वाले उपकरण जब्त किए। साथ ही अवैध मुहानों को बंद करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
कई दिनों से मिल रही थी अवैध खनन की सूचना
जानकारी के अनुसार, विधायक अरूप चटर्जी को कई दिनों से राजा कोलियरी में बड़े पैमाने पर अवैध खनन होने की सूचना मिल रही थी। इसके बाद शुक्रवार को वह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और खदान के अंदर जाकर स्थिति का जायजा लिया।
विधायक के अनुसार, खदान में कई स्थानों पर अवैध तरीके से कोयला निकालने का काम किए जाने की जानकारी मिली थी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने दर्जनों कथित अवैध मुहानों को देखा।

बिजली के केबल और मशीनों से कोयला काटने का आरोप
निरीक्षण के दौरान खदान के भीतर बिजली के मोटे केबल से अवैध कनेक्शन लेकर मोटर और ड्रिल मशीनों के जरिए कोयला काटे जाने की बात सामने आई। मौके पर मोटरसाइकिलों के जरिए कोयले की ढुलाई किए जाने की भी जानकारी दी गई।
बताया गया कि कुछ लोग मोटरसाइकिल पर कोयला लादकर खदान के अंदर और बाहर आ-जा रहे थे। इस मामले में अवैध खनन में शामिल लोगों की पहचान और उनकी गतिविधियों की जांच महत्वपूर्ण होगी।
सीआईएसएफ और ईसीएल प्रबंधन ने की संयुक्त कार्रवाई
मामले की सूचना मिलने पर सीआईएसएफ और ईसीएल राजा कोलियरी प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची। संयुक्त कार्रवाई के दौरान खदान से बिजली के मोटे केबल, मोटर, कटर और कोयला काटने में इस्तेमाल होने वाले गैता समेत कई उपकरण जब्त किए गए।
इसके साथ ही खदान के कथित अवैध मुहानों को भरने का काम भी शुरू कर दिया गया। कार्रवाई का उद्देश्य अवैध रास्तों से कोयला निकालने की गतिविधियों पर रोक लगाना है।
अवैध खनन पर रोक लगाने की चुनौती
राजा कोलियरी में सामने आए इस मामले ने कोयला खदानों की सुरक्षा और अवैध खनन पर निगरानी को लेकर सवाल खड़े किए हैं। खदानों में अनधिकृत प्रवेश और अवैध तरीके से कोयला निकालने की गतिविधियां श्रमिकों की सुरक्षा के लिए भी जोखिम पैदा कर सकती हैं।
फिलहाल संयुक्त कार्रवाई में उपकरण जब्त किए गए हैं और अवैध मुहानों को बंद करने की प्रक्रिया शुरू हुई है। मामले में आगे की कार्रवाई और अवैध खनन में शामिल लोगों की पहचान को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

