धनबाद। डिजिटल भुगतान से जुड़ी समस्याओं और प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के विरोध में धनबाद के व्यापारियों ने 2 अक्टूबर को ‘NO UPI DAY’ मनाने का आह्वान किया है। धनबाद व्यापारी संघ की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जिले के विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान चलाकर दुकानदारों से इस पहल में शामिल होने की अपील की गई है।
व्यापारी नेताओं का कहना है कि नेटवर्क की समस्या, भुगतान में तकनीकी गड़बड़ी और संदिग्ध लेनदेन के मामलों में बैंक खाते फ्रीज होने जैसी परेशानियों से कारोबार प्रभावित होता है। संघ ने व्यापारियों से 2 अक्टूबर को UPI और QR कोड के माध्यम से भुगतान लेने और देने से परहेज करने की अपील की है।
कतरास से बैंक मोड़ तक व्यापारियों से संपर्क

धनबाद व्यापारी संघ के अनुसार, जनसंपर्क अभियान के तहत कतरास, केंदुआ, पुटकी, झरिया, सिंदरी, डिगवाडीह, भौंरा, बैंक मोड़, पुराना बाजार, हीरापुर, बेकारबांध, बरटांड़ और बाजार समिति समेत कई व्यावसायिक क्षेत्रों के दुकानदारों से संपर्क किया गया।
अभियान में व्यापारियों को डिजिटल भुगतान से जुड़ी समस्याओं और प्रस्तावित शुल्क व्यवस्था के बारे में जानकारी दी गई। संघ ने दुकानदारों से अपने प्रतिष्ठानों पर ‘NO UPI DAY’ के पोस्टर लगाने और 2 अक्टूबर के कार्यक्रम में भाग लेने का आग्रह किया है।
नेटवर्क और बैंक खाते फ्रीज होने से कारोबार प्रभावित होने का दावा
व्यापारी प्रतिनिधि अमित अग्रवाल ने कहा कि नेटवर्क या सर्वर में गड़बड़ी के कारण कई बार ग्राहक के मोबाइल पर भुगतान सफल दिखाई देता है, लेकिन राशि व्यापारी के खाते में नहीं पहुंचती। ऐसी स्थिति में भुगतान का मिलान करने और समस्या दूर करने में परेशानी होती है।
धनबाद मोटर पार्ट्स एसोसिएशन, मटकुरिया के अध्यक्ष कौशल ने संदिग्ध लेनदेन के मामलों में व्यापारियों के बैंक खाते फ्रीज किए जाने की समस्या उठाई। उनके अनुसार, ऐसी स्थिति में व्यापारियों को दूर-दराज के थानों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक परेशानी भी होती है।
नया बाजार चैंबर के अनिल कुमार जैन ने साइबर धोखाधड़ी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि डिजिटल भुगतान से जुड़े फ्रॉड में लोगों और कारोबारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि ऐसी घटनाओं में ठगी गई रकम की रिकवरी और शिकायतों के समाधान की व्यवस्था मजबूत की जाए।
2 अक्टूबर को UPI और QR कोड से नहीं होगा लेन-देन
संघ की घोषणा के मुताबिक, ‘NO UPI DAY’ के दिन शामिल होने वाले व्यापारी UPI और QR कोड से भुगतान न लेने और न करने का संकल्प लेंगे। लेन-देन के लिए नकद रुपये का इस्तेमाल करने की अपील की गई है।
व्यापारी नेताओं ने कहा कि ग्राहक और दुकानदार एक-दूसरे से जुड़े हैं। इसलिए डिजिटल भुगतान से संबंधित समस्याओं का समाधान व्यापारियों और ग्राहकों, दोनों के हितों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।
UPI शुल्क को लेकर क्या है मौजूदा व्यवस्था?
व्यापारियों का विरोध ऐसे समय हो रहा है, जब केंद्र सरकार ने चुनिंदा बड़े व्यापारी UPI लेन-देन पर MDR लागू करने की व्यवस्था घोषित की है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, 2,000 रुपये तक के व्यापारी भुगतान और निर्धारित शर्तों के तहत छोटे व्यापारियों के लेन-देन पर यह शुल्क लागू नहीं होगा। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि MDR को टैक्स नहीं माना जाता और ग्राहक से यह शुल्क वसूलने का प्रावधान नहीं है। नई व्यवस्था 15 अक्टूबर 2026 से लागू होनी है। <Cite refs={[“turn359837search1″,”turn359837news19”]}/>
हालांकि, धनबाद के व्यापारी संघ ने इस शुल्क व्यवस्था और डिजिटल भुगतान से जुड़ी समस्याओं पर चिंता जताते हुए विरोध का आह्वान किया है। संघ की ओर से इसे अखिल भारतीय स्तर पर चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा बताया गया है।
व्यापारी संघ ने एकजुटता की अपील की
जनसंपर्क अभियान में अनिल कुमार जैन, मनीष जैन, आलोक चटर्जी, मुकेश कुमार, घनश्याम सिंह और दीपराज सहित अन्य प्रतिनिधि शामिल रहे।
धनबाद व्यापारी संघ ने व्यापारियों से 2 अक्टूबर के अभियान में भाग लेने और अपनी समस्याओं को संगठित तरीके से सामने रखने की अपील की है।

