धनबाद। जिले के सुंदरनगर में बुधवार, 30 सितंबर 2026 को एक सामाजिक एवं शैक्षणिक अभियान के तहत पदयात्रा का शुभारंभ किया गया। इस अभियान का उद्देश्य 108 पाठशालाओं के निर्माण का संकल्प लेकर शिक्षा के क्षेत्र में पहल को आगे बढ़ाना है।
कार्यक्रम का आयोजन सुंदरनगर स्थित शक्ति चौक के समीप किया गया। पदयात्रा की शुरुआत मुख्य अतिथि और राजपूत विचार मंच के केंद्रीय अध्यक्ष डी.एन. सिंह ने फीता काटकर की।
डीएन सिंह ने किया पदयात्रा का शुभारंभ
कार्यक्रम में राजपूत विचार मंच के केंद्रीय अध्यक्ष डी.एन. सिंह के साथ मंच के कई पदाधिकारी और गणमान्य सदस्य मौजूद रहे। शुभारंभ के अवसर पर अभियान के उद्देश्य और 108 पाठशालाओं के निर्माण के संकल्प को लेकर सहभागियों में उत्साह देखा गया।
आयोजकों के अनुसार, यह अभियान शिक्षा से जुड़े सामाजिक प्रयासों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।
राजपूत विचार मंच के कई पदाधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में राजपूत विचार मंच के कार्यकारिणी अध्यक्ष राजेंद्र सिंह, केंद्रीय उपाध्यक्ष जराम सिंह, लक्ष्मण सिंह और विनोद सिंह, केंद्रीय सचिव अमित सिंह तथा केंद्रीय कोषाध्यक्ष अक्षयवर सिंह मौजूद रहे।
इसके अलावा केंद्रीय कार्यालय एवं संचार मंत्री राजू कुमार सिंह, केंद्रीय प्रवक्ता विवेका सिंह और पप्पू सिंह, धैया शाखा अध्यक्ष इंदर सिंह तथा बबलू सिंह सहित अन्य सदस्य भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
सुंदरनगर के स्थानीय सदस्यों ने भी लिया हिस्सा
पदयात्रा के शुभारंभ कार्यक्रम में सुंदरनगर के स्थानीय गणमान्य लोगों और सदस्यों ने भी सहभागिता की। इनमें गंगा नारायण सिंह, सुशील कुमार सिंह, नरेश सिंह, प्रसादी सिंह, भुनेश्वर सिंह, धर्मेंद्र सिंह और अजीत कुमार सिंह सहित अन्य लोग शामिल रहे।
महिला सदस्यों में गुड़िया कुमारी, गीता देवी, मीना देवी, लखी देवी, बन्नी देवी, वंदना देवी, मनदील कुमारी, लक्ष्मी देवी और बालिका देवी समेत कई लोगों की उपस्थिति रही।
108 पाठशालाओं के निर्माण का संकल्प
आयोजकों ने बताया कि पदयात्रा के माध्यम से 108 पाठशालाओं के निर्माण के संकल्प को आगे बढ़ाया जाएगा। अभियान को सामाजिक और शैक्षणिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
कार्यक्रम में शामिल सदस्यों ने अभियान के उद्देश्य को लेकर अपनी सहभागिता दर्ज कराई। पदयात्रा के शुभारंभ के साथ आयोजकों ने शिक्षा के क्षेत्र में इस संकल्प को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
जय राजपूताना।
