रांची। बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से दायर याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में 30 सितंबर को फिर सुनवाई होगी। मंगलवार को मामले में आंशिक सुनवाई हुई, लेकिन विस्तृत सुनवाई पूरी नहीं हो सकी।
हाईकोर्ट ने अब मामले को बुधवार, 30 सितंबर को दोपहर 2:15 बजे सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। यह मामला विशेष PMLA अदालत में चल रही कार्यवाही और हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप गठन से जुड़ा है।
आरोप गठन टालने की मांग को दी गई है चुनौती
हेमंत सोरेन ने विशेष PMLA अदालत के उस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उनके खिलाफ आरोप गठन की प्रक्रिया को जांच जारी रहने तक टालने की मांग स्वीकार नहीं की गई थी।
मामला रांची के बड़गाईं क्षेत्र में 8.86 एकड़ जमीन के कथित अवैध अधिग्रहण और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग आरोपों की जांच से संबंधित है। विशेष PMLA अदालत में आरोप गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। हालिया रिपोर्ट के अनुसार, 30 सितंबर को आरोप गठन से जुड़ी औपचारिक कार्यवाही के लिए भी तारीख तय है।
इस मामले में विशेष अदालत ने पहले हेमंत सोरेन की आपराधिक कार्यवाही से राहत की मांग वाली याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया।
PMLA की धारा 44 के प्रावधान को भी चुनौती
याचिका में हेमंत सोरेन की ओर से PMLA अधिनियम की धारा 44(1)(डी) के प्रावधानों से संबंधित कानूनी सवाल भी उठाए गए हैं।
याचिका में विशेष PMLA अदालत में चल रही कार्यवाही और आरोप गठन की प्रक्रिया को लेकर आपत्ति जताई गई है। उनकी ओर से यह आग्रह किया गया है कि मामले की सुनवाई से जुड़े कानूनी पहलुओं पर हाईकोर्ट विचार करे।
मामले में मुख्य सवालों में यह भी शामिल है कि विशेष अदालत में चल रही कार्यवाही और आरोप गठन की प्रक्रिया को किस तरह आगे बढ़ाया जाए।
30 सितंबर को दोनों अदालतों में होगी सुनवाई
बड़गाईं जमीन से जुड़े मामले में 30 सितंबर की तारीख महत्वपूर्ण है। विशेष PMLA अदालत में भी इसी दिन आरोप गठन से संबंधित कार्यवाही निर्धारित है। हालिया रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने 17 आरोपियों में से 16 के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं और हेमंत सोरेन के संबंध में औपचारिक प्रक्रिया बाकी है।
वहीं, हेमंत सोरेन की याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में दोपहर 2:15 बजे सुनवाई प्रस्तावित है। इस तरह एक ही दिन मामले से जुड़ी कार्यवाही निचली विशेष अदालत और हाईकोर्ट, दोनों स्तरों पर होगी।
हाईकोर्ट के फैसले पर रहेगी नजर
मामले में हाईकोर्ट के सामने हेमंत सोरेन की याचिका और विशेष PMLA अदालत की कार्यवाही से जुड़े कानूनी मुद्दे हैं। हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई के बाद यह स्पष्ट होगा कि याचिका पर अदालत आगे क्या निर्देश देती है।
वहीं, विशेष PMLA अदालत में आरोप गठन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, आरोप तय होने के बाद मामले में औपचारिक ट्रायल शुरू होने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।
फिलहाल मामला न्यायालय के विचाराधीन है और आरोपों पर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष आगे की सुनवाई और ट्रायल की प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

