धनबाद। लव कुश सेवा संघ, धनबाद की ओर से झारखंड आंदोलन के प्रणेता, शिक्षाविद और सामाजिक जागरूकता के पक्षधर बिनोद बिहारी महतो की जयंती पर विशेष समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम स्थानीय होटल लक्सस इन में श्रद्धा और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।
समारोह में झारखंड सरकार के मंत्री योगेंद्र प्रसाद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो (बबलू महतो) विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा बिनोद बिहारी महतो की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ की गई। उपस्थित लोगों ने बिनोद बाबू के सामाजिक, शैक्षणिक और राजनीतिक योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
समारोह में वक्ताओं ने कहा कि बिनोद बिहारी महतो ने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का महत्वपूर्ण माध्यम माना और लोगों को जागरूक बनाने के लिए लगातार प्रयास किया।

मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने शिक्षा के प्रसार पर दिया जोर
मुख्य अतिथि मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि बिनोद बिहारी महतो केवल राजनेता नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और शिक्षा की अलख जगाने वाले दूरदर्शी नेता थे।
उन्होंने कहा कि बिनोद बाबू के विचार और सिद्धांत आज भी समाज का मार्गदर्शन कर रहे हैं। उनके सपनों के झारखंड के निर्माण के लिए समाज के हर वर्ग तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करना जरूरी है।
मंत्री ने बिनोद बिहारी महतो के विचारों को आगे बढ़ाने और शिक्षित एवं जागरूक समाज के निर्माण की दिशा में काम करने का संकल्प दोहराया।

चंद्रदेव महतो ने याद किया ‘पढ़ो और लड़ो’ का संदेश
विशिष्ट अतिथि सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो ने बिनोद बिहारी महतो को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके ऐतिहासिक नारे “पढ़ो और लड़ो” का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि शिक्षा समाज के सर्वांगीण विकास का मजबूत आधार है। युवाओं को बिनोद बाबू के बताए मार्ग पर चलते हुए अपने अधिकारों और सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक होना चाहिए।
विधायक ने कहा कि बिनोद बिहारी महतो के विचारों को आत्मसात कर समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
शिक्षित और सशक्त समाज बनाने का लिया संकल्प
समारोह में लव कुश सेवा संघ के पदाधिकारियों, सदस्यों और क्षेत्र के कई गणमान्य लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान बिनोद बाबू के विचारों और सामाजिक योगदान पर चर्चा की गई।
अंत में उपस्थित लोगों ने एकजुट होकर शिक्षित, सशक्त और समृद्ध समाज के निर्माण का संकल्प लिया। समारोह के माध्यम से शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और जनहित के कार्यों को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।

