धनबाद, बलियापुर। झारखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और पारंपरिक विरासत का प्रतीक बलियापुर हाई स्कूल मैदान एक बार फिर करम पर्व के रंग में रंग गया। झारखंड के पुराने और प्रमुख करम अखाड़ों में शामिल इस मैदान में पारंपरिक करम महोत्सव यानी जावा पर्व का आयोजन धूमधाम और उत्साह के साथ किया गया।
अविभाजित बिहार के समय से प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले इस ऐतिहासिक महोत्सव का उद्घाटन मुख्य अतिथि सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, आयोजन समिति के सदस्यों और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों की मौजूदगी रही।
विधायक चंद्रदेव महतो का किया गया स्वागत
झारखंडी सांस्कृतिक कला मंच, धोखरा की ओर से आयोजित करम महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे विधायक चंद्रदेव महतो का आयोजन समिति और ग्रामीणों ने स्वागत किया।
कार्यक्रम में प्रखंड प्रमुख पिंकी देवी, जिला परिषद सदस्य श्वेता कुमारी, उप प्रमुख आशा देवी सहित आयोजन समिति से जुड़े कई सदस्य उपस्थित रहे।
महोत्सव के दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से झारखंड की लोक परंपराओं को प्रदर्शित किया गया।

लोक संस्कृति और परंपरा को बचाने का संदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक चंद्रदेव महतो ने प्रदेशवासियों को करम पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि बलियापुर का ऐतिहासिक करम अखाड़ा झारखंड की लोक विरासत का महत्वपूर्ण प्रतीक है।
विधायक ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन राज्य की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और लोक विरासत को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने लोगों से अपनी माटी की संस्कृति पर गर्व करने और पारंपरिक मूल्यों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का आह्वान किया।
उनके अनुसार, सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है।

जावा व्रती युवतियों और कलाकारों ने बढ़ाई शोभा
करम महोत्सव में बड़ी संख्या में जावा व्रती युवतियां, महिला-पुरुष और सांस्कृतिक कार्यकर्ता शामिल हुए। आयोजन के दौरान पारंपरिक वेशभूषा में लोक कलाकारों ने आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया।
ढोल, मांदर और नगाड़ों की थाप पर कलाकारों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। पारंपरिक गीत-संगीत और नृत्य से पूरा परिसर उत्सवमय बना रहा।
स्थानीय लोगों ने भी पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया और करम पर्व की खुशियां साझा कीं।

आयोजन समिति के योगदान की सराहना
करम महोत्सव को सफल बनाने में झारखंडी सांस्कृतिक कला मंच, धोखरा के पदाधिकारियों और स्थानीय कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
आयोजकों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से नई पीढ़ी को झारखंड की सांस्कृतिक जड़ों, लोक परंपराओं और सामुदायिक एकता से जोड़ने का प्रयास किया जाता है।
NEWS ANP के लिए सिंदरी से राज कुमार शर्मा के साथ प्रेम प्रकाश शर्मा की रिपोर्ट।

