रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी से जुड़े मामले में आरोपी बुधेश्वर भगत को अदालत से राहत नहीं मिली है। अदालत ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। वहीं, इसी मामले में फरार चल रहे आरोपी सत्यपाल सिंह की अग्रिम जमानत याचिका भी नामंजूर कर दी गई।
दोनों याचिकाएं CID कांड संख्या 16/2026 से संबंधित हैं। JPSC की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितता के मामले की जांच CID द्वारा की जा रही है।
14 सितंबर को सुरक्षित रखा गया था आदेश
बुधेश्वर भगत की जमानत याचिका पर अदालत में सुनवाई पूरी होने के बाद 14 सितंबर को आदेश सुरक्षित रख लिया गया था। अब अदालत ने जमानत याचिका खारिज कर दी है।
इस फैसले के बाद मामले में आरोपी बुधेश्वर भगत को फिलहाल अदालत से जमानत नहीं मिल सकी है।
सत्यपाल सिंह की अग्रिम जमानत भी खारिज
मामले में फरार बताए जा रहे आरोपी सत्यपाल सिंह ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अदालत का रुख किया था। उसने 29 अगस्त को अग्रिम जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी।
अदालत ने सत्यपाल सिंह की अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज कर दी है। इस तरह मामले में दोनों आरोपियों की ओर से दायर जमानत याचिकाओं पर अदालत से राहत नहीं मिली है।
CID कर रही JPSC परीक्षा मामले की जांच
JPSC की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर दर्ज CID कांड संख्या 16/2026 की जांच एजेंसी द्वारा की जा रही है।
मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ आरोपियों से जुड़े कानूनी पहलुओं पर भी कार्रवाई जारी है। अदालत के मौजूदा आदेश के बाद बुधेश्वर भगत की नियमित जमानत और सत्यपाल सिंह की अग्रिम जमानत, दोनों याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं।
मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी।

