पटना: UCC को लेकर बिहार NDA में मतभेद की खबरों के बीच राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। JDU ने 18 सितंबर को पटना में एक बड़ी बैठक बुलाई है। इसमें पार्टी के सभी सांसदों, विधायकों और विधान परिषद सदस्यों को बुलाया गया है।
यह बैठक राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसमें यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) और फरक्का जल संधि जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। बैठक के बाद पार्टी इन मुद्दों पर अपना आधिकारिक रुख भी साफ कर सकती है।
फरक्का जल संधि पर केंद्र पर दबाव
फरक्का जल संधि को लेकर JDU लगातार केंद्र सरकार पर दबाव बना रही है। पार्टी का कहना है कि 1996 में हुई इस संधि की अवधि दिसंबर 2026 में खत्म होने वाली है और इसे आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए।
JDU का आरोप है कि 1996 के समझौते के कारण बिहार को बाढ़, सुखाड़ और गाद की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ा है।
इसी मुद्दे को लेकर बिहार के अलग-अलग जिलों में ‘नीतीश संवाद’ कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, 18 सितंबर की बैठक में फरक्का जल संधि पर विस्तार से चर्चा हो सकती है। नेताओं की राय लेने के बाद पार्टी इस मुद्दे पर अपना औपचारिक स्टैंड स्पष्ट कर सकती है।
18 सितंबर को सुबह 10 बजे बैठक
JDU की यह बैठक 18 सितंबर को सुबह 10 बजे पटना स्थित पार्टी कार्यालय में होगी।
पार्टी की ओर से इस दौरान प्रबोधन कार्यक्रम यानी ओरिएंटेशन प्रोग्राम भी आयोजित किया जाएगा। इसमें विधायकों, सांसदों और विधान परिषद सदस्यों को सदन के नियमों और प्रक्रियाओं की जानकारी दी जाएगी।
इसके अलावा नेता अपने-अपने क्षेत्रों की स्थिति की रिपोर्ट भी रख सकते हैं। इसमें जनता का रुख, कार्यकर्ताओं की स्थिति और किन क्षेत्रों में पार्टी को ज्यादा मेहनत करने की जरूरत है, जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
UCC पर भी JDU साफ कर सकती है रुख
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के UCC को लेकर दिए गए बयान के बाद NDA में मतभेद की चर्चा तेज हुई है। JDU के कुछ नेताओं ने पहले ही कहा है कि बिहार में UCC लागू नहीं होगा।
अब सूत्रों के मुताबिक, 18 सितंबर की बैठक में इस मुद्दे पर भी चर्चा हो सकती है। पार्टी बैठक के बाद UCC को लेकर अपना रुख स्पष्ट कर सकती है।
JDU पहले भी बिहार में UCC लागू नहीं करने का रुख अपना चुकी है।
पार्टी के नाम को लेकर भी चर्चा संभव
बैठक में JDU के नाम को बदलकर ‘जनता दल नीतीश’ करने के सुझाव पर भी चर्चा होने की संभावना है। पार्टी के अंदर इस मुद्दे पर मंथन की बात सामने आ रही है।
JDU के सामने अलग पहचान बनाए रखने की चुनौती
नीतीश कुमार अब बिहार के मुख्यमंत्री नहीं हैं। ऐसे में JDU के सामने अपनी अलग राजनीतिक पहचान मजबूत रखने की चुनौती है।
पार्टी बिहार से जुड़े मुद्दों पर अपनी अलग आवाज मजबूत करने की कोशिश कर रही है। 18 सितंबर की बैठक में आने वाले समय की राजनीतिक रणनीति पर भी चर्चा हो सकती है।

