बिल्ली और चूहे की दुश्मनी के बारे में आपने बचपन से कहानियों और कार्टून में देखा होगा। दोनों को हमेशा एक-दूसरे का दुश्मन दिखाया जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर बिल्ली और चूहे के बीच यह दुश्मनी शुरू कैसे हुई?
इसके पीछे वैज्ञानिक कारण तो हैं ही, साथ ही एक दिलचस्प चीनी लोककथा भी काफी मशहूर है। बिल्ली का शिकारी स्वभाव और चूहे का उसका प्राकृतिक शिकार होना इस रिश्ते की बड़ी वजह मानी जाती है। वहीं, एक पुरानी कहानी दोनों के बीच दुश्मनी की शुरुआत को एक चाल से जोड़ती है।
सम्राट ने रखी थी जानवरों के बीच दौड़
चीन की एक प्राचीन लोककथा के मुताबिक, हजारों साल पहले वहां के सम्राट ने 12 साल के चक्र पर आधारित राशि चक्र बनाने का फैसला किया था।
इसके लिए उन्होंने राज्य के सभी जानवरों को एक दौड़ में हिस्सा लेने के लिए बुलाया। नियम था कि जो 12 जानवर सबसे पहले दौड़ पूरी करके पहुंचेंगे, उनके नाम पर राशि चक्र के 12 वर्षों का नाम रखा जाएगा।
इस प्रतियोगिता में बिल्ली और चूहा भी शामिल होना चाहते थे। उस समय दोनों को अच्छा दोस्त माना जाता था।
बिल्ली और चूहे ने बैल से मांगी मदद
कहानी के मुताबिक, बिल्ली और चूहे की एक परेशानी थी। दोनों सुबह जल्दी उठ नहीं पाते थे। इसलिए उन्होंने अपने दोस्त बैल से कहा कि वह उन्हें समय पर जगा दे, ताकि वे दौड़ में हिस्सा ले सकें।
लेकिन तय समय पर बिल्ली और चूहा नहीं उठ पाए। दयालु बैल ने दोनों को अपनी पीठ पर बैठा लिया और नदी पार करके दौड़ में आगे बढ़ने लगा।
चूहे ने दोस्त को दिया धोखा
मंजिल के पास पहुंचते ही चूहे के मन में जीतने का लालच आ गया। उसने मौका देखकर बिल्ली को चुपके से धक्का देकर पानी में गिरा दिया।
इसके बाद चूहा बैल की पीठ से कूद गया और सबसे पहले मंजिल पर पहुंच गया। इस तरह उसे पहला स्थान मिल गया।
कहा जाता है कि इसी धोखे के बाद बिल्ली और चूहे की दोस्ती दुश्मनी में बदल गई। हालांकि यह एक लोककथा है, वैज्ञानिक रूप से बिल्ली-चूहे के रिश्ते की मुख्य वजह बिल्ली का शिकारी स्वभाव और चूहे का उसका प्राकृतिक शिकार होना है।

