TMC के ‘जोड़ाफूल’ चुनाव चिह्न पर घमासान, चुनाव आयोग ने ममता और ऋतब्रत गुट से की बैठक

TMC के ‘जोड़ाफूल’ चुनाव चिह्न पर घमासान, चुनाव आयोग ने ममता और ऋतब्रत गुट से की बैठक

नई दिल्ली/कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के संगठनात्मक विवाद को लेकर चुनाव आयोग ने शनिवार (12 सितंबर, 2026) को पार्टी के दोनों गुटों के साथ बैठक की। आयोग ने पहले ऋतब्रत बनर्जी गुट और उसके बाद ममता बनर्जी गुट से बातचीत की।

बैठक का मुख्य मुद्दा यह था कि TMC का ‘जोड़ाफूल’ चुनाव चिह्न किस गुट के पास रहेगा। हालांकि, पश्चिम बंगाल में होने वाले उपचुनाव से पहले आयोग की ओर से इस विवाद पर अंतिम फैसला आने की संभावना कम बताई जा रही है।

चुनाव चिह्न फ्रीज हो सकता है

सूत्रों के मुताबिक, चुनाव आयोग इस मामले में अंतरिम आदेश जारी कर सकता है। फिलहाल TMC के ‘जोड़ाफूल’ चुनाव चिह्न को फ्रीज करने का विकल्प भी सामने है।

ऐसी स्थिति में दोनों गुटों को उपचुनाव लड़ने के लिए अलग-अलग अस्थायी नाम और चुनाव चिह्न दिए जा सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो पश्चिम बंगाल के उपचुनाव में कालीघाट TMC और ऋतब्रत TMC आमने-सामने दिखाई दे सकते हैं।

ममता गुट ने आयोग के सामने क्या कहा?

बैठक में चुनाव आयोग ने दोनों गुटों से उनके समर्थन में मौजूद सांसदों और विधायकों की संख्या के बारे में जानकारी मांगी।

ममता बनर्जी गुट की ओर से सांसद कल्याण बनर्जी ने पार्टी और चुनाव चिह्न पर अपना दावा पेश किया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने TMC की स्थापना की थी और पार्टी के चुनाव चिह्न के लिए फूल का डिजाइन भी उन्होंने ही बनाया था।

कल्याण बनर्जी ने कहा कि ममता बनर्जी इसी चुनाव चिह्न के साथ तीन बार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बनी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जो नेता आज पार्टी में बगावत कर रहे हैं, वे भी कुछ महीने पहले इसी चुनाव चिह्न पर चुनाव जीतकर सत्ता में पहुंचे थे।

दोनों गुट चाहते हैं जल्द फैसला

बैठक के बाद दोनों गुटों ने चुनाव आयोग से जल्द फैसला लेने की मांग की है। इसकी बड़ी वजह पश्चिम बंगाल में होने वाले नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव हैं।

इन उपचुनावों के लिए तारीखों का ऐलान हो चुका है और नामांकन की आखिरी तारीख 16 सितंबर है। ऐसे में दोनों गुट चाहते हैं कि नामांकन की प्रक्रिया शुरू होने से पहले चुनाव चिह्न और पार्टी के नाम को लेकर स्थिति साफ हो जाए।

बैठक के बाद कल्याण बनर्जी ने कहा कि चुनाव आयोग जो भी फैसला करेगा, उसके आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि जब तक आयोग की ओर से कोई अलग निर्देश नहीं आता, ममता बनर्जी गुट मौजूदा ‘जोड़ाफूल’ चुनाव चिह्न के साथ ही चुनाव लड़ेगा।

अब सबकी नजर चुनाव आयोग के अगले फैसले पर है। यह फैसला तय करेगा कि आगामी उपचुनाव में TMC के दोनों गुट किस नाम और किस चुनाव चिह्न के साथ मैदान में उतरेंगे।

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