नई दिल्ली: दिल्ली में BRICS सम्मेलन के लिए दुनिया के कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष पहुंच रहे हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आने के साथ ही विदेशी मेहमानों के विशेष विमानों की आवाजाही भी बढ़ गई है। इन VIP विमानों की सुरक्षा के लिए जमीन के साथ-साथ हवाई क्षेत्र में भी खास इंतजाम किए गए हैं।
VIP विमानों के लिए अलग रूट और ऊंचाई तय की गई है। सुरक्षा नियमों के मुताबिक, VIP विमान के रूट के 100 किलोमीटर आगे-पीछे और दाएं-बाएं किसी सामान्य विमान को आने की अनुमति नहीं होगी।
भारतीय एयरस्पेस में पहुंचते ही निगरानी
VIP विमान जैसे ही भारतीय एयरस्पेस में प्रवेश करेंगे, उनकी निगरानी भारतीय वायुसेना करेगी। सुरक्षा एजेंसियां यह सुनिश्चित कर रही हैं कि VIP विमानों की आवाजाही के दौरान किसी तरह की परेशानी या सुरक्षा चूक न हो।
13 सितंबर तक कई उड़ानों पर प्रतिबंध
सूत्रों के मुताबिक, 10 सितंबर की रात 12 बजे से 13 सितंबर की शाम 6 बजे तक दिल्ली और आसपास के हवाई क्षेत्र में कई तरह के प्रतिबंध लागू रहेंगे।
इस दौरान सफदरजंग एयरपोर्ट और रोहिणी हेलीपोर्ट से सामान्य उड़ानों पर रोक रहेगी। बिना अनुमति यहां से कोई विमान या हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सकेगा।
इसके अलावा ड्रोन और दूसरे फ्लाइंग ऑब्जेक्ट उड़ाने पर भी पूरी तरह रोक रहेगी।
दिल्ली के 300 किमी दायरे में कड़ी निगरानी
दिल्ली एयरपोर्ट के आसपास करीब 300 किलोमीटर के क्षेत्र में भी उड़ानों को लेकर विशेष नियम लागू किए गए हैं। तय यात्री उड़ानों, BRICS के लिए आने वाली विदेशी VIP फ्लाइट्स, एयरफोर्स, BSF और अनुमति प्राप्त हेलीकॉप्टरों को छोड़कर अन्य उड़ानों पर प्रतिबंध रहेगा।
दिल्ली एयरपोर्ट की फ्लाइटों की ऊंचाई भी तय
दिल्ली एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाली यात्री फ्लाइटों के लिए भी खास नियम बनाए गए हैं। टेकऑफ के बाद उन्हें करीब 200 किलोमीटर तक FL-290 यानी लगभग 29 हजार फीट की ऊंचाई बनाए रखनी होगी।
इसी तरह दिल्ली में उतरने वाली फ्लाइटों को भी एयरपोर्ट से करीब 200 किलोमीटर पहले तक FL-290 पर रहना होगा। इसके बाद ही उन्हें नीचे आने की अनुमति होगी।
इन सभी नियमों को केंद्रीय गृह मंत्रालय, भारतीय वायुसेना और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के बीच तालमेल से लागू किया गया है। इसका मकसद BRICS सम्मेलन के दौरान विदेशी राष्ट्राध्यक्षों की हवाई यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित रखना है।

