नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 9/11 आतंकी हमले को लेकर एक बार फिर अपना अनुभव बताया है। ट्रंप ने दावा किया कि हमले के दौरान दो फायरफाइटर्स ने उन्हें एक इमारत से सुरक्षित बाहर निकाला था। हालांकि, उनके इस दावे की पुष्टि करने वाला कोई सार्वजनिक रिकॉर्ड या सबूत सामने नहीं आया है।
ट्रंप ने यह बात 8 सितंबर 2026 को व्हाइट हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम में कही। यह कार्यक्रम 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमलों की 25वीं बरसी से पहले आपातकालीन कर्मचारियों के सम्मान में आयोजित किया गया था।
ट्रंप ने सुनाई पूरी कहानी
ट्रंप के मुताबिक, हमले के तुरंत बाद वह अपनी टीम के साथ इलाके में पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि पास की एक इमारत से तेज आवाजें आ रही थीं और ऐसा लग रहा था कि वह गिर सकती है।
ट्रंप ने दावा किया कि इसी दौरान दो फायरफाइटर्स ने उन्हें पकड़ लिया और वहां से निकलने को कहा। उनके अनुसार, दोनों फायरफाइटर्स ने उन्हें उठाकर दौड़ते हुए सुरक्षित जगह तक पहुंचाया।
ट्रंप ने कहा कि वह उन दोनों फायरफाइटर्स को कभी नहीं भूलेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने खुद दौड़ने की बात कही थी, लेकिन फायरफाइटर्स ने उनकी बात नहीं मानी।
दावे पर उठ रहे सवाल
ट्रंप के इस दावे पर सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि ऐसा कोई सार्वजनिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है, जिससे यह साबित हो कि 9/11 के दिन वह उस इमारत के अंदर मौजूद थे या फायरफाइटर्स ने उन्हें वहां से बचाया था।
रिपोर्टों के मुताबिक, 11 सितंबर 2001 को ट्रंप मिडटाउन मैनहट्टन स्थित ट्रंप टॉवर में थे, जो वर्ल्ड ट्रेड सेंटर से कई किलोमीटर दूर है।
9/11 को लेकर पहले भी कर चुके हैं कई दावे
ट्रंप पहले भी 9/11 को लेकर कई दावे कर चुके हैं। इनमें से कुछ दावों को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं।
उन्होंने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्होंने दूसरे विमान को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के साउथ टावर से टकराते हुए देखा था। उन्होंने यह भी कहा था कि हमले के बाद वह अपने निर्माण कर्मचारियों के साथ घटनास्थल पर गए थे।
2016 में ट्रंप ने दावा किया था कि उन्होंने ग्राउंड जीरो पर मलबा हटाने में मदद की थी। वहीं, 2015 में उन्होंने कहा था कि उन्होंने अपने अपार्टमेंट से लोगों को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर से कूदते हुए देखा था।
उन्होंने यह भी दावा किया था कि उन्होंने जर्सी सिटी में हजारों लोगों को टावर गिरने के बाद जश्न मनाते देखा था। इन दावों के समर्थन में भी कोई पुख्ता सबूत सामने नहीं आया।
ग्राउंड जीरो जाने के दावे पर भी सवाल
ट्रंप कई बार कह चुके हैं कि उन्होंने हमलों के बाद 100 से ज्यादा कंस्ट्रक्शन वर्करों को ग्राउंड जीरो भेजा था। हालांकि, न्यूयॉर्क फायर डिपार्टमेंट के पूर्व अधिकारियों ने ऐसे दावों की पुष्टि नहीं की।
फायर डिपार्टमेंट के पूर्व बटालियन चीफ रिचर्ड एलेस ने कहा था कि उन्हें ट्रंप के वहां मौजूद होने या बड़ी संख्या में कर्मचारियों को लाने की कोई जानकारी नहीं थी।
हालांकि, 13 सितंबर 2001 को ट्रंप ग्राउंड जीरो के पास जरूर दिखाई दिए थे। उस समय उन्होंने दावा किया था कि उनके 100 से ज्यादा कर्मचारी वहां मौजूद हैं और कई और कर्मचारी आने वाले हैं।
ट्रंप के पुराने बयानों और नए दावे को लेकर अब फिर सवाल उठ रहे हैं कि 9/11 के दौरान उनकी वास्तविक मौजूदगी और भूमिका क्या थी।

