नई दिल्ली: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 18वें ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत पहुंच गए हैं। 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में ब्रिक्स सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। पुतिन की भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक भी होनी है।
पुतिन के भारत पहुंचने से पहले ही उनकी सुरक्षा को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई थीं। रिपोर्टों के मुताबिक, रूस के तीन सैन्य परिवहन विमान नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचे। इनमें रूसी सुरक्षा टीम और सैन्य अधिकारी शामिल थे।
हर वक्त साथ रहते हैं सुरक्षा गार्ड
पुतिन की सुरक्षा की जिम्मेदारी रूस की विशेष सुरक्षा एजेंसी एसबीपी की होती है। उनके आसपास बड़ी संख्या में सुरक्षा अधिकारी तैनात रहते हैं। ये अधिकारी हर समय पुतिन के साथ रहते हैं और उनकी सुरक्षा पर नजर रखते हैं।
विदेशी दौरों के दौरान भी उनकी सुरक्षा टीम उनके साथ रहती है। काले सूट और ईयरफोन लगाए सुरक्षा गार्ड अक्सर पुतिन के आसपास नजर आते हैं।
चार स्तरों में होती है सुरक्षा
रिपोर्टों के अनुसार, पुतिन की सुरक्षा कई स्तरों में की जाती है।
- पहला स्तर: पुतिन के बेहद करीब रहने वाले निजी सुरक्षा गार्ड।
- दूसरा स्तर: ऐसे सुरक्षा अधिकारी जो आमतौर पर लोगों की नजर में नहीं आते।
- तीसरा स्तर: भीड़ और आसपास के लोगों पर नजर रखने वाली सुरक्षा टीम।
- चौथा स्तर: दूर से निगरानी रखने वाली टीम, जिसमें आसपास की इमारतों और ऊंची जगहों पर तैनात सुरक्षा कर्मी शामिल होते हैं।
इसका मकसद यह सुनिश्चित करना होता है कि कोई संदिग्ध व्यक्ति पुतिन के करीब न पहुंच सके।
पुतिन के खाने की भी होती है खास जांच
पुतिन की सुरक्षा सिर्फ उनके आसपास मौजूद लोगों तक सीमित नहीं है। उनके खाने को लेकर भी बेहद सावधानी बरती जाती है।
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, पुतिन के लिए खाना खास तरीके से तैयार किया जाता है। उनके खाने को पहले उनके करीबी सलाहकारों द्वारा टेस्ट किए जाने की बात कही जाती है। इसके बाद ही खाना पुतिन को परोसा जाता है।
विदेशी दौरों पर पुतिन के साथ उनके निजी शेफ भी जाते हैं, जो उनके लिए खाना तैयार करते हैं।

