मुंबई, 11 सितंबर 2026। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा कि भारत की प्रगति में महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जब देश की महिलाएं आगे बढ़ेंगी, तभी भारत की विकास यात्रा और मजबूत होगी। उन्होंने कॉरपोरेट जगत से कामकाजी महिलाओं और माताओं के लिए बेहतर सहयोग और मजबूत व्यवस्था तैयार करने की सामूहिक पहल करने का आह्वान किया।
मुकेश अंबानी ने यह बात अरुंधति भट्टाचार्य की आत्मकथा Indomitable के हिंदी संस्करण ‘अपराजिता’ के विमोचन के अवसर पर कही। इस दौरान उन्होंने अरुंधति भट्टाचार्य के नेतृत्व, संघर्ष और उपलब्धियों की सराहना की।
महिलाओं के विकास से महिला नेतृत्व वाले विकास की ओर भारत

मुकेश अंबानी ने कहा कि भारत अब महिलाओं के विकास तक सीमित सोच से आगे बढ़कर महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने महिलाओं के आत्मविश्वास को देश के भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत बताया। उनके मुताबिक, युवा महिलाओं में बढ़ता आत्मविश्वास भारत की विकास क्षमता को लेकर उम्मीद बढ़ाता है।
अंबानी ने कहा कि यदि महिलाएं आगे बढ़ने से इनकार नहीं करेंगी, तो भारत की विकास यात्रा भी रुकने वाली नहीं है।
अरुंधति भट्टाचार्य के नेतृत्व की सराहना
‘अपराजिता’ के विमोचन के मौके पर मुकेश अंबानी ने अरुंधति भट्टाचार्य के नेतृत्व की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने उनके करियर और मुश्किल परिस्थितियों में आगे बढ़ने के जज्बे को प्रेरणादायक बताया।
अंबानी ने कहा कि 2013 में भारतीय स्टेट बैंक की पहली महिला चेयरपर्सन बनकर अरुंधति ने इतिहास रचा और उनके बाद आने वाली महिलाओं के लिए भी नए अवसरों का रास्ता तैयार किया।
असफलता से सीखने और नए नेतृत्व की जरूरत
मुकेश अंबानी ने अरुंधति भट्टाचार्य की पुस्तक से मिलने वाली सीख का भी उल्लेख किया। उन्होंने परिवार के मूल्यों, असफलता की जिम्मेदारी स्वीकार करने, लगातार सीखते रहने और लोगों को साथ लेकर चलने को बेहतर नेतृत्व की महत्वपूर्ण विशेषताएं बताया।
उन्होंने कहा कि असफलता के बाद दूसरों पर दोष लगाने के बजाय व्यक्ति को यह समझने की कोशिश करनी चाहिए कि गलती कहां हुई और भविष्य में उसमें क्या बदलाव किया जा सकता है।
अंबानी के मुताबिक, एक अच्छे नेता की जिम्मेदारी केवल अनुयायी तैयार करना नहीं है, बल्कि नए नेताओं को तैयार करना भी है।
मां, पत्नी और बेटी से महिलाओं की ताकत देखने का जिक्र
मुकेश अंबानी ने कहा कि उन्होंने महिलाओं की ताकत अपने परिवार में भी देखी है। उन्होंने अपनी मां कोकिलाबेन अंबानी, पत्नी नीता अंबानी और बेटी ईशा अंबानी का उल्लेख करते हुए उनके योगदान की बात कही।
उन्होंने कहा कि नीता अंबानी और ईशा अंबानी दोनों कामकाजी माताएं हैं और उनका नेतृत्व नई पीढ़ी की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
कामकाजी महिलाओं और माताओं के लिए मजबूत व्यवस्था की अपील
अंबानी ने कहा कि अरुंधति भट्टाचार्य जैसी महिलाओं की उपलब्धियां प्रेरणा देती हैं, लेकिन कॉरपोरेट जगत में महिलाओं के लिए अभी भी काफी काम किया जाना बाकी है।
उन्होंने कारोबार जगत के नेताओं से कामकाजी महिलाओं और माताओं को बेहतर सहयोग देने वाली व्यवस्था विकसित करने की अपील की। उन्होंने अरुंधति भट्टाचार्य और अन्य अनुभवी महिलाओं से इस सामूहिक पहल का नेतृत्व करने का आग्रह किया।
अंबानी ने कहा कि रिलायंस फाउंडेशन इस पहल में पूरी तरह सहयोग करेगा।
अंत में उन्होंने महिलाओं के आगे बढ़ने के संकल्प को लेकर कहा कि मुश्किलें और असफलताएं आएंगी, लेकिन रुकने और झुकने के बजाय उनसे सीखते हुए आगे बढ़ना जरूरी है।

