असम के नुमलीगढ़ इलाके से वन्यजीवों के लिए चिंता बढ़ाने वाली तस्वीर सामने आई है। बकियाल क्षेत्र में एक जंगली हाथी के गले में ट्रैक्टर का बड़ा टायर फंसा हुआ दिखाई दिया। हाथी को एक चाय बागान में घूमते हुए देखा गया, जिसके बाद स्थानीय लोगों में चिंता फैल गई।
हाथी के गले में कैसे फंसा टायर?
हाथी के गले में टायर कैसे फंसा, इसकी अभी तक कोई पक्की जानकारी सामने नहीं आई है। स्थानीय लोगों का अनुमान है कि भोजन की तलाश में घूमते समय हाथी किसी पुराने टायर के संपर्क में आया होगा, जो उसके गले में फंस गया। हालांकि, इस बात की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
चाय बागान में दिखा हाथी
बकियाल इलाके में जब लोगों ने हाथी को देखा तो उसके गले में टायर देखकर वे हैरान रह गए। हाथी चाय बागान के अंदर घूम रहा था। लोगों ने उसकी तस्वीरें भी लीं, जिसके बाद मामला सामने आया।
वन्यजीव विशेषज्ञों के लिए इस तरह की घटनाएं चिंता का विषय हैं। जंगल और हाथियों के आने-जाने वाले इलाकों में फेंका गया प्लास्टिक, टायर और अन्य कचरा जानवरों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
वन विभाग से निगरानी की अपील
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने वन विभाग से हाथी की निगरानी करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि अगर टायर लंबे समय तक हाथी के गले में फंसा रहा तो उसे चलने, खाने और दूसरी सामान्य गतिविधियों में परेशानी हो सकती है।
जरूरत पड़ने पर वन विभाग की टीम हाथी की स्थिति का जायजा लेकर टायर को सुरक्षित तरीके से निकालने के लिए जरूरी कदम उठा सकती है।
जंगल में कचरा बन रहा वन्यजीवों के लिए खतरा
इस घटना ने जंगलों के आसपास कचरा फेंकने की समस्या को भी उजागर किया है। पुराने टायर, प्लास्टिक और दूसरी चीजें लंबे समय तक जंगल में पड़ी रहती हैं। इनके कारण वन्यजीवों के फंसने या घायल होने का खतरा बना रहता है।
खासकर हाथी भोजन और पानी की तलाश में अक्सर जंगल से निकलकर चाय बागानों और आसपास के इलाकों में पहुंच जाते हैं। ऐसे में वहां पड़ा कचरा उनके लिए गंभीर परेशानी का कारण बन सकता है।

