दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव राकेश मेहता का निधन हो गया। 1975 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राकेश मेहता रविवार को नोएडा के सेक्टर-82 स्थित केंद्रीय विहार-2 सोसाइटी में कथित तौर पर फंदे पर लटके मिले। उनका शव दोपहर के समय बरामद किया गया। सोमवार को लोधी श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
2007 से 2010 तक रहे दिल्ली के मुख्य सचिव
राकेश मेहता 2007 से 2010 तक दिल्ली के मुख्य सचिव रहे थे। 2010 में हुए राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान दिल्ली के प्रशासन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। नवंबर 2010 में वह सेवानिवृत्त हुए।
तीन दशक से ज्यादा लंबे प्रशासनिक करियर में उन्होंने दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया।
कई बड़े सुधारों में निभाई अहम भूमिका
राकेश मेहता को एक कुशल और सुधारों को आगे बढ़ाने वाले अधिकारी के तौर पर याद किया जाता है। उनके साथ काम कर चुके अधिकारियों और नेताओं के मुताबिक, वह नई नीतियों और विचारों को अपनाने के लिए हमेशा तैयार रहते थे।
उन्होंने संपत्ति कर के आकलन में बदलाव, दिल्ली में बिजली के निजीकरण और सार्वजनिक परिवहन से जुड़े कई महत्वपूर्ण कामों में भूमिका निभाई। दिल्ली की सड़कों से ब्लू लाइन बसों को हटाकर लो-फ्लोर बसें लाने की योजना में भी उनका अहम योगदान माना जाता है।
नेताओं और अधिकारियों ने किया याद
दिल्ली के पूर्व मंत्री अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि राकेश मेहता नई नीतियों को लागू करने के लिए हमेशा तैयार रहते थे। बिजली के निजीकरण के समय वह दिल्ली सरकार में बिजली सचिव के पद पर थे।
दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव रमेश नेगी ने भी कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक सुधारों का श्रेय राकेश मेहता को दिया। उनके सहयोगियों और पूर्व अधिकारियों ने उन्हें एक सक्षम और दूरदर्शी प्रशासक के रूप में याद किया।

