कुल्टी। आसनसोल के कुल्टी थाना क्षेत्र के नियामतपुर हरिजन पाड़ा में साइबर ठगी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है। सुबह से ही इलाके में भारी पुलिस बल के साथ छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।
देशभर में सामने आ रहे साइबर ठगी के मामलों में इस इलाके के कुछ लोगों के नाम सामने आने के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है। अचानक बड़ी संख्या में पुलिस बल के पहुंचने से इलाके में हड़कंप की स्थिति बन गई।
साइबर थाना और कुल्टी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

छापेमारी अभियान में आसनसोल साइबर थाना, कुल्टी थाना और आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट की टीम संयुक्त रूप से शामिल है। अभियान के दौरान इलाके के संदिग्ध ठिकानों की जांच की जा रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, कुछ युवकों पर फर्जी कॉल सेंटर चलाने और ऑनलाइन फ्रॉड में शामिल होने का आरोप है। पुलिस इस पूरे नेटवर्क से जुड़े लोगों और गतिविधियों की जानकारी जुटाने में लगी है।
बैंक खाते और ऑनलाइन ठगी से जुड़े आरोप
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, संदिग्ध युवकों पर लोगों के बैंक खाते किराये पर लेकर ठगी की रकम को अलग-अलग खातों के जरिए घुमाने का भी आरोप है।
जांच टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित साइबर ठगी का नेटवर्क किस तरह संचालित किया जा रहा था और इसमें कितने लोग शामिल हैं। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
ऑपरेशन प्रहार के तहत कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, पश्चिम बंगाल में इस समय साइबर अपराध के खिलाफ ‘ऑपरेशन प्रहार’ चलाया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस अभियान के तहत अब तक 87 FIR दर्ज की गई हैं और 199 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया है।
नियामतपुर में चल रही छापेमारी को भी इसी अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस साइबर अपराध से जुड़े नेटवर्क पर कार्रवाई करने के साथ संदिग्धों की भूमिका की जांच कर रही है।
मोबाइल, सिम और ATM कार्ड की जांच
छापेमारी के दौरान पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस की ओर से उनके पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, बैंक पासबुक और कई ATM कार्ड बरामद किए जाने की बात कही गई है।
बरामद सामान की जांच की जा रही है। पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई जारी है। पूछताछ और बरामद दस्तावेजों व इलेक्ट्रॉनिक सामान की जांच के बाद मामले में आगे की तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।
पुलिस का मुख्य फोकस कथित साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने और उनके संबंध में जानकारी जुटाने पर है।
रिपोर्ट: न्यूज ANP पश्चिम बंगाल से अतीकुर रहमान।

