अमेरिकी इतिहास में पहली बार सरकार ने करीब 50 वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों और कर्मचारियों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराया है। यह जांच पत्रकारों तक गोपनीय सैन्य जानकारी पहुंचने के मामले में की गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, लीक हुई जानकारी में ईरान युद्ध के दौरान हथियारों की संभावित कमी से जुड़ी बातें भी शामिल थीं। अमेरिकी अधिकारियों ने यह पता लगाने की कोशिश की कि संवेदनशील जानकारी पत्रकारों तक किसने पहुंचाई।
अधिकारियों से पूछे गए गोपनीय जानकारी लीक करने के सवाल
द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त में अमेरिकी सेना के जॉइंट स्टाफ से जुड़े करीब 50 अधिकारियों और कर्मचारियों का पॉलीग्राफ टेस्ट किया गया।
टेस्ट के दौरान उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने पत्रकारों को संवेदनशील या गोपनीय सैन्य जानकारी दी थी। जांच का मुख्य उद्देश्य जानकारी लीक करने वाले लोगों की पहचान करना बताया गया है।
हथियारों की कमी की खबरों के बाद बढ़ी जांच
यह जांच उस समय सामने आई, जब अमेरिकी हथियारों के भंडार को लेकर कई रिपोर्ट प्रकाशित हुईं। इनमें लंबी दूरी की मिसाइलों और पैट्रियट इंटरसेप्टर जैसे हथियारों की कमी की बात कही गई थी।
पेंटागन के प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने कहा कि विभाग आंतरिक मामलों या चल रही जांच पर टिप्पणी नहीं करता। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी लीक होने को गंभीर मामला माना जाता है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में तैनात सैनिकों की सुरक्षा के लिए संवेदनशील जानकारी को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है।
पेंटागन में मीडिया की पहुंच भी हुई सीमित
रिपोर्ट के मुताबिक, 5 मई के बाद से अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने ईरान युद्ध को लेकर कोई प्रेस ब्रीफिंग नहीं की है। इसके साथ ही पेंटागन में पत्रकारों की पहुंच भी सीमित की गई है।
पत्रकारों पर भी हुई कार्रवाई
पिछले महीने पेंटागन ने Stars and Stripes के एडिटर-इन-चीफ एरिक स्लाविन, पब्लिशर मैक्स लेडरर और मिडिल ईस्ट संवाददाता लारा कोर्टे को नौकरी से हटा दिया था।
यह कार्रवाई अखबार की USS Abraham Lincoln से जुड़ी आलोचनात्मक रिपोर्टिंग को लेकर हुए विवाद के बाद हुई थी।
ट्रंप ने हथियारों की कमी के दावों को बताया गलत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान युद्ध के बीच अमेरिका के हथियारों के भंडार में कमी होने के दावों को खारिज किया है।
उन्होंने मीडिया और उन लोगों की आलोचना की, जिन्होंने गोला-बारूद की कथित कमी को लेकर चिंता जताई थी। ट्रंप ने इन दावों को पूरी तरह गलत बताया।
ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि कुछ लोग अमेरिका की जीत देखने के बजाय युद्ध में अमेरिका को हारते हुए देखना चाहते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका के पास हथियारों का बहुत बड़ा भंडार है।

