अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद पुलिस ने भेजा जेल
जमशेदपुर। निखार सबलोक हत्याकांड में पुलिस द्वारा मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल बताए गए अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव को इलाज के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस की संयुक्त जांच टीम ने इस मामले में राघव समेत कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के दौरान राघव की तबीयत खराब होने पर उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पहले उसे एमजीएम अस्पताल ले जाया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए टीएमएच में भर्ती कराया गया।
इलाज पूरा होने और अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद पुलिस ने उसे दोबारा अपनी हिरासत में लिया। इसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, हत्याकांड की साजिश में राघव की भूमिका की जांच की जा रही है।
जमीन विवाद और आपराधिक वर्चस्व की जांच कर रही पुलिस
पुलिस जांच में निखार सबलोक की हत्या के पीछे जमीन कारोबार से जुड़े विवाद और आपराधिक गिरोहों के बीच वर्चस्व की लड़ाई का पहलू सामने आने की बात कही गई है।
जांच एजेंसी के अनुसार, हत्या के लिए कथित तौर पर 15 लाख रुपये की सुपारी तय किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस मामले की विभिन्न कड़ियों की जांच कर रही है और साजिश के तार अन्य स्थानों तक जुड़े होने की संभावना पर भी पड़ताल जारी है।
पुलिस के अनुसार, हत्या की योजना से जुड़े मामले में जेल से संपर्क और अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। शूटरों की व्यवस्था करने और उन्हें आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के संबंध में भी राघव की कथित भूमिका की जांच चल रही है।
हालांकि, इन आरोपों और जांच के निष्कर्षों पर अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
24 अगस्त को होटल के बाहर हुई थी निखार की हत्या
पुलिस के अनुसार, उत्तर प्रदेश से बुलाए गए शूटरों ने 24 अगस्त को चांडिल थाना क्षेत्र के आसनबनी स्थित टेंथ माइल होटल के बाहर निखार सबलोक को गोली मार दी थी।
गंभीर रूप से घायल निखार को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था, जहां बाद में उनकी मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके शरीर पर गोली लगने के कई निशान मिलने की बात सामने आई है।
इस हत्याकांड के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के लिए विशेष टीम का गठन किया था। तकनीकी साक्ष्यों और अन्य जानकारियों के आधार पर पुलिस ने कई स्थानों पर छापेमारी की।
राघव के मोबाइल फोन से मिला अहम सुराग
जांच के दौरान पुलिस को राघव के मोबाइल फोन से निखार सबलोक की तस्वीर मिलने की जानकारी सामने आई है। पुलिस जांच के अनुसार, इसी तरह की तस्वीर कथित रूप से शूटरों के मोबाइल फोन से भी मिली है।
पुलिस इस जानकारी को हत्याकांड की साजिश की जांच में महत्वपूर्ण मानकर विभिन्न डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
जांच के दौरान घटना के दिन राघव के कोलकाता में मौजूद होने की बात भी सामने आई थी। पुलिस ने उसके लौटने के दौरान बहरागोड़ा क्षेत्र से उसे हिरासत में लिया था।
पूछताछ के दौरान तबीयत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। अब इलाज के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है और पुलिस ने उसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया है।
संपत्ति विवाद से जुड़े पुराने आरोपों की भी हो रही चर्चा
राघव से संबंधित वर्ष 2026 के एक पुराने संपत्ति विवाद की शिकायत भी सामने आई थी। बिष्टुपुर थाना क्षेत्र में दर्ज कराई गई शिकायत में पावर ऑफ अटॉर्नी के कथित दुरुपयोग, संपत्ति हड़पने के प्रयास, वित्तीय लेन-देन और धमकी देने जैसे आरोप लगाए गए थे।
हालांकि, ये आरोप शिकायत के स्तर पर हैं और इनकी पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी। इस मामले को निखार सबलोक हत्याकांड से जोड़कर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जांच और अदालत की प्रक्रिया पूरी होने से पहले उचित नहीं होगा।
हथियार, मोबाइल और कार बरामद करने का पुलिस का दावा
निखार सबलोक हत्याकांड में पुलिस ने राघव समेत छह आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद हथियार, मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल की गई कार बरामद करने का दावा किया है।
पुलिस अब इस हत्याकांड की पूरी साजिश का पता लगाने में जुटी है। जांच का मुख्य फोकस घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने, कथित साजिश के सभी पहलुओं की जांच करने और मामले से जुड़े अन्य आरोपियों तक पहुंचने पर है।
राघव को इलाज के बाद जेल भेजे जाने के साथ ही मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

