धनबाद लॉ कॉलेज में मारपीट और रैगिंग का आरोप, ABVP-AISA आमने-सामने

धनबाद लॉ कॉलेज में मारपीट और रैगिंग का आरोप, ABVP-AISA आमने-सामने

धनबाद। धनबाद लॉ कॉलेज में छात्र संगठनों के बीच विवाद गहरा गया है। प्रथम वर्ष के छात्र आर्यन ने आइसा से जुड़े रितेश मिश्रा समेत युवकों पर कमरे में बंद कर मारपीट और रैगिंग करने का आरोप लगाया है।

छात्र के अनुसार, वह पहले आइसा से जुड़ा था। उसका आरोप है कि उसे एबीवीपी के लोगों से बातचीत करते हुए देखे जाने के बाद उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई और धमकी दी गई।

आर्यन ने मामले को लेकर कॉलेज के प्राचार्य और धनबाद थाना में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।

ABVP ने कार्रवाई की मांग कर आंदोलन की चेतावनी दी

घटना को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने भी प्रतिक्रिया दी है। संगठन ने कथित मारपीट की घटना की निंदा करते हुए मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

ABVP छात्र नेता अंशु कुमार ने कहा कि मामले में उचित कार्रवाई होनी चाहिए। संगठन की ओर से कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है।

हालांकि, छात्र की शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

AISA ने आरोपों को बताया बेबुनियाद

वहीं, पूरे मामले को लेकर आइसा ने प्रेस वार्ता कर एबीवीपी के आरोपों को खारिज किया है। संगठन की राज्य उपाध्यक्ष स्नेहा महतो ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए एबीवीपी पर पलटवार किया।

आइसा का कहना है कि संगठन का मारपीट से कोई पुराना इतिहास नहीं रहा है। संगठन ने शिकायत करने वाले छात्र के बयान को लेकर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि एबीवीपी के लोगों द्वारा उसे प्रभावित कर बयानबाजी कराई जा रही है।

आइसा ने एबीवीपी के खिलाफ भी तीखी टिप्पणी की और संगठन को लेकर आपत्तिजनक राजनीतिक शब्दों का इस्तेमाल किया।

जांच के बाद सामने आएगी वास्तविक स्थिति

धनबाद लॉ कॉलेज का यह विवाद अब छात्र राजनीति से जुड़ा मामला बनता दिखाई दे रहा है। एक ओर प्रथम वर्ष के छात्र की ओर से मारपीट और रैगिंग के आरोप लगाए गए हैं, जबकि दूसरी ओर आइसा ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। ऐसे में मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना में वास्तव में क्या हुआ था और लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।

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