दिग्गज अभिनेता और बीजेपी के पूर्व राज्यसभा सांसद मिथुन चक्रवर्ती ने शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी पर निशाना साधा। उन्होंने ममता बनर्जी के अत्याचार के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके मुंह से यह बात अच्छी नहीं लगती।
मिथुन ने कहा, “हमने भी बहुत कुछ सहा है। हमने ये सब अत्याचार झेले हैं। मैं ज्यादा बोलकर किसी का अपमान नहीं करना चाहता, लेकिन उनके मुंह से यह कहना अच्छा नहीं लगता कि उन पर अत्याचार हो रहा है।”
बंगाल की फिल्म इंडस्ट्री को लेकर बड़ी बात
मिथुन चक्रवर्ती को पश्चिम बंगाल सरकार ने नया सांस्कृतिक सलाहकार (कल्चरल एडवाइजर) बनाया है। इस जिम्मेदारी के बाद उन्होंने बंगाल की फिल्म इंडस्ट्री को फिर से मजबूत बनाने की बात कही।
उन्होंने कहा कि जो कुछ बंगाल ने खोया है, उसे वापस लाने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने फिल्म निर्माताओं को बंगाल में शूटिंग के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि सरकार की ओर से 30 प्रतिशत सब्सिडी देने की योजना पर काम किया जाएगा।
मिथुन ने कहा, “पूरे भारत से लोगों को बंगाल लाना चाहते हैं। बंगाल आइए, यहां फिल्मों की शूटिंग कीजिए, पहाड़ों और समुद्र का आनंद लीजिए।”
फिल्म इंडस्ट्री के लिए 30% सब्सिडी का प्रस्ताव
दरअसल, 3 सितंबर को मिथुन चक्रवर्ती ने पश्चिम बंगाल की फिल्म इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए सरकार से फिल्म प्रोडक्शन पर 30 प्रतिशत सब्सिडी देने की मांग की थी। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस प्रस्ताव पर सहमति जताई।
मिथुन ने कहा था कि अगर बंगाल की फिल्म इंडस्ट्री को उसके पुराने गौरव पर वापस लाना है, तो सरकार को फिल्म निर्माण में आर्थिक मदद देनी चाहिए।
मिथुन को मिली बड़ी जिम्मेदारी
शुक्रवार को कोलकाता में ‘उत्तर कुमार फिल्म सेंटर’ के शिलान्यास समारोह के दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मिथुन चक्रवर्ती को राज्य सरकार का सांस्कृतिक सलाहकार बनाए जाने की घोषणा की।
इस फिल्म सेंटर को करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार के कल्चर अफेयर्स विभाग ने मंजूरी दे दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फिल्म सेंटर का डिजाइन तैयार करने की जिम्मेदारी बंगाली सिनेमा से जुड़े विशेषज्ञों को दी जाएगी। सरकार इसमें अनावश्यक दखल नहीं देगी और विशेषज्ञों को स्वतंत्र रूप से काम करने का मौका दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का काम फिल्म इंडस्ट्री को सहयोग और समर्थन देना है, हर मामले में हस्तक्षेप करना नहीं।

