झरिया (JHARIA) कर्मा तांड एवं बेलगाड़िया टाउन सीप मे हुए विस्थापित लोगों की बीसीसीएल कंपनी के वरीय अधिकारी एवं जिला प्रशासन की देख रेख मे हो जांच, उक्त बातें नेशनल ह्यूमन राइट्स झारखंड प्रदेश अध्यक्ष युगेश निषाद ने प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कहा,
श्री निषाद ने बीसीसीएल प्रबंधन पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि लोदना एरिया 10 अंतरगर्त रह रहे लोगों को पुनर्वास नीति के तहत बसाने मे कोलियरी के तीन अधिकारीयों ने पुनर्वास नीति को ताक पर रख ग्रामीणों से मोटी रुपया के वसूली करते हुए पुनर्वास करने का काम किया है, वहीं कुछ लोगों को प्रोजेक्ट ऑफिसर, पर्सनल मैनेजर एवं जेनरल मैनेजर यह तीनों ने मिलकर जो लोग कभी भी इस क्षेत्र में निवास नहीं किया ना उनका कोई घर था, वैसे लोगों को भी मोटी रकम लेकर कर्माटांड़, कुसुम बिहार, बैलगाड़ीया में आवास देने का काम किया, इस पर मैंने कई बार बीसीसीएल अधिकारी को लिखित आवेदन देकर जांच की मांग किया हूँ,इसके लिए एक टीम गठन किया जाए और उस टीम का हिस्सा धनबाद प्रशासन के अधिकारी रहे, तभी दूध का दूध और पानी का पानी होगी, अगर ऐसा नहीं हुआ तो मै कोयला मंत्रालय को पत्राचार करते हुए इन अधिकारीयों के विरोध मे जरूरत पड़ी तो न्यायालय के शरण में जाकर इन भ्रष्ट अधिकारीयों का कारनामा को उजागर करने का मैं काम करूंगा, इसके लिए मैं एक बार फिर इन भ्रष्टाचारियों को समय दे रहा हूं कि आप जिन लोगों का आवास आवंटन किया है, इसकी निष्पक्ष जांच करवा कर जो भी इसमें दोषी पाए जाएं उन लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जाए, अगर ऐसी नहीं होती है तो हम शांत बैठने वाले नहीं हैं जिन लोगों को आवास दिया गया उन लोगों को ट्रांसपोर्टिंग का खर्च नहीं दिया गया जबकि कोयला सचिव खुद धनबाद आये थे और लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं से अवगत होते हुए बोले थे की जो भी लोग बिस्थापित हो रहे हैं उन्हें 50000 रुपया ट्रांसपोर्टिंग खर्च दिया जाएगा, वह भी पैसा इन लोगों ने आज तक नहीं के बराबर दिया है, यह भी एक जांच का विषय है,
NEWS ANP के लिए झरिया से अरबिंद सिंह बुंदेला की रिपोर्ट

