उत्तर प्रदेश के सीतापुर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत एक बड़े सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। आरएमपी कॉलेज परिसर में हुए इस कार्यक्रम में 565 जोड़ों ने शादी की और नई जिंदगी की शुरुआत की।
इनमें 14 मुस्लिम जोड़े भी शामिल थे। हिंदू जोड़ों ने हिंदू रीति-रिवाज से सात फेरे लिए, जबकि मुस्लिम जोड़ों का निकाह कराया गया।
565 जोड़े शादी के बंधन में बंधे
बुधवार को आयोजित इस समारोह में दूर-दराज के इलाकों से वर-वधू अपने परिवारों के साथ पहुंचे। बारिश के बावजूद समारोह में लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ।
हिंदू जोड़ों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए। वहीं, मुस्लिम जोड़ों का निकाह मौलवियों की मौजूदगी में कराया गया।
सरकार की ओर से मिलती है आर्थिक मदद
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सरकार नवविवाहित जोड़ों को आर्थिक सहायता भी देती है। इस आयोजन में प्रत्येक जोड़े पर करीब एक लाख रुपये खर्च किए गए।
योजना के तहत कन्या के खाते में 65 हजार रुपये की राशि ट्रांसफर की जाएगी। इसके अलावा शादी से जुड़ी दूसरी व्यवस्थाओं और जरूरी सामग्री के लिए भी सहायता दी जाती है।
कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में नगर विकास राज्यमंत्री राकेश राठौर ‘गुरु’, कारागार राज्यमंत्री सुरेश राही, एमएलसी पवन सिंह चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश शुक्ला समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
मिश्रिख विधायक रामकृष्ण भार्गव, सेवता विधायक ज्ञान तिवारी और जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि शिव कुमार गुप्ता भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
प्रशासन की ओर से डीएम डॉ. राजा गणपति आर, सीडीओ डॉ. दीक्षा जोशी और एडीएम आयुष चौधरी भी मौजूद रहे।
बारिश के बीच भी लोगों का उत्साह कायम
कार्यक्रम के दौरान बारिश हुई, लेकिन इससे वर-वधू और उनके परिवारों का उत्साह कम नहीं हुआ। बड़ी संख्या में लोग समारोह में पहुंचे और अपने बच्चों को नई जिंदगी की शुरुआत करते देखा।
कई परिवारों के लिए यह आयोजन इसलिए भी खास रहा, क्योंकि सरकारी योजना से उन्हें शादी के खर्च में आर्थिक मदद मिली।
सुरक्षा के भी किए गए इंतजाम
इतने बड़े आयोजन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। समारोह स्थल के आसपास पुलिस बल तैनात किया गया था।
भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार निगरानी करती रही। बारिश के बावजूद पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।
एक ही परिसर में अलग-अलग रीति-रिवाजों से विवाह
इस समारोह की खास बात यह रही कि एक ही परिसर में अलग-अलग धर्मों के जोड़ों का उनकी परंपराओं के अनुसार विवाह कराया गया।
कहीं वैदिक मंत्रों के बीच सात फेरे लिए जा रहे थे, तो कहीं निकाह की रस्म पूरी हो रही थी। 565 जोड़ों की शादी और 14 मुस्लिम जोड़ों के निकाह के साथ समारोह संपन्न हुआ।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के जरिए आर्थिक मदद मिलने से कई परिवारों को शादी के खर्च में राहत मिली और इन जोड़ों ने एक साथ अपने वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत की।

