धनबाद। आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की एक विशेष प्रस्तुति आयोजित की गई। एसपीआईसी मैके के सहयोग से 31 अगस्त को पेनमैन ऑडिटोरियम में हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायन पर लेक्चर-डेमोंस्ट्रेशन कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय शास्त्रीय संगीत और देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना था।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों और संस्थान समुदाय के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजन के दौरान शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति के साथ इसकी परंपरा और विभिन्न पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
रितेश और रजनीश मिश्रा ने दी विशेष प्रस्तुति
कार्यक्रम में प्रसिद्ध हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक रितेश मिश्रा और रजनीश मिश्रा ने अपनी प्रस्तुति दी। दोनों कलाकार महान हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक पद्म भूषण पंडित राजन मिश्रा और पद्म श्री पंडित साजन मिश्रा के पुत्र हैं।
उनकी प्रस्तुति में सुमित मिश्रा ने हारमोनियम पर संगत की, जबकि कौशिक कुवार ने तबला वादन के माध्यम से साथ दिया। कलाकारों की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों और श्रोताओं को भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा से रूबरू कराया।
छात्रों को समझाई हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की बारीकियां
लेक्चर-डेमोंस्ट्रेशन कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की विभिन्न बारीकियों और इसकी समृद्ध परंपरा के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी।
इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को केवल शास्त्रीय संगीत सुनने का अवसर ही नहीं मिला, बल्कि संगीत की इस परंपरा को समझने और इसके विभिन्न पहलुओं को करीब से जानने का भी मौका मिला।
प्रो. शरत कुमार दास ने कलाकारों को किया सम्मानित
इस अवसर पर आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के उप निदेशक प्रो. शरत कुमार दास और प्रो. संजय मंडल मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान प्रो. शरत कुमार दास ने रितेश मिश्रा और रजनीश मिश्रा को सम्मानित किया।
आयोजन में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और संस्थान समुदाय के सदस्यों की भागीदारी रही। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को भारतीय कला, संगीत और सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने की दिशा में आईआईटी (आईएसएम) धनबाद की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा गया।
एसपीआईसी मैके के सहयोग से आयोजित इस विशेष कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध विरासत को करीब से समझने और उससे जुड़ने का अवसर प्रदान किया।

