दूध उबलकर गैस पर गिर जाता है? अपनाएं ये आसान ट्रिक्स, किचन भी रहेगा साफ

दूध उबलकर गैस पर गिर जाता है? अपनाएं ये आसान ट्रिक्स, किचन भी रहेगा साफ

रोज सुबह चाय या दूध गर्म करते समय कई घरों में एक ही परेशानी होती है. दूध थोड़ा सा ध्यान हटते ही उबलकर गैस पर गिर जाता है. इससे गैस स्टोव गंदा हो जाता है और दूध भी बर्बाद होता है.

अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो कुछ आसान तरीके अपनाकर इस परेशानी को काफी हद तक कम किया जा सकता है.

दूध उबलकर बाहर क्यों गिरता है?

दूध गर्म होने पर उसकी सतह पर मलाई की एक परत बनने लगती है. यह परत भाप को आसानी से बाहर निकलने नहीं देती. इसके कारण बर्तन में दबाव बढ़ता है और दूध अचानक ऊपर उठकर बाहर गिर जाता है.

अक्सर ऐसा तब होता है जब दूध गैस पर रखकर हम किसी दूसरे काम में व्यस्त हो जाते हैं.

बड़े बर्तन में गर्म करें दूध

दूध गर्म करने के लिए हमेशा बड़ा बर्तन इस्तेमाल करें. कोशिश करें कि बर्तन में दूध की मात्रा से कम से कम दोगुनी जगह हो.

छोटे बर्तन में दूध जल्दी ऊपर आ जाता है, जबकि बड़े बर्तन में उसे उबलने के लिए ज्यादा जगह मिलती है.

बर्तन के ऊपर रखें लकड़ी का चम्मच

दूध को उबलकर बाहर गिरने से रोकने के लिए बर्तन के ऊपर एक लकड़ी का चम्मच आड़ा रख सकते हैं.

दूध ऊपर उठने पर चम्मच झाग और बुलबुलों को तोड़ने में मदद कर सकता है. हालांकि, इसे पूरी तरह भरोसेमंद सुरक्षा उपाय न मानें और दूध को बिना निगरानी के न छोड़ें.

धीमी आंच पर गर्म करें

दूध को तेज आंच पर गर्म करने के बजाय मीडियम या धीमी आंच पर गर्म करना बेहतर होता है.

धीमी आंच पर दूध धीरे-धीरे गर्म होता है और उबाल आने से पहले आपको उसे संभालने का समय मिल जाता है.

स्टील की कटोरी या चम्मच वाली ट्रिक

कुछ लोग दूध गर्म करते समय बर्तन में स्टील का चम्मच या दूसरी धातु की वस्तु रखने की ट्रिक भी इस्तेमाल करते हैं. इससे दूध के बुलबुले कुछ हद तक टूट सकते हैं.

लेकिन इस तरीके पर भी पूरी तरह निर्भर न रहें. दूध को गैस पर रखते समय निगरानी करना सबसे जरूरी है.

दूध गर्म करते समय गैस से दूर न जाएं

किसी भी ट्रिक से ज्यादा जरूरी है कि दूध गर्म करते समय उस पर नजर रखें. जैसे ही दूध में झाग बढ़ने लगे, आंच धीमी कर दें या कुछ देर के लिए गैस बंद कर दें.

इन छोटी-छोटी सावधानियों से दूध के उबलकर गैस पर गिरने की समस्या काफी कम हो सकती है और किचन को बार-बार साफ करने की परेशानी से भी बचा जा सकता है.

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *