कपाली में 110 दुकानें फिर भी सड़क पर कारोबार, नगर परिषद की योजना पर उठे सवाल

कपाली में 110 दुकानें फिर भी सड़क पर कारोबार, नगर परिषद की योजना पर उठे सवाल

सरायकेला। कपाली नगर परिषद क्षेत्र में फुटपाथ दुकानदारों को व्यवस्थित करने के लिए बनाई गई योजना पर अब सवाल उठने लगे हैं। नगर परिषद की ओर से फुटपाथ दुकानदारों के लिए 110 दुकानें बनाकर उनका आवंटन किया गया था। इसका उद्देश्य दुकानदारों को स्थायी जगह उपलब्ध कराने के साथ-साथ सड़क पर लगने वाली दुकानों और जाम की समस्या को कम करना था।

हालांकि, दुकानें आवंटित होने के बावजूद कपाली की सड़कों पर फुटपाथ दुकानों का संचालन जारी है। इससे सड़क पर आवाजाही प्रभावित हो रही है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

आवंटित दुकानों में नहीं बैठ रहे अधिकांश दुकानदार

नगर परिषद की ओर से तैयार किए गए सब्जी मार्केट में 110 दुकानों का निर्माण कराया गया और दुकानदारों को दुकानें आवंटित भी की गईं। इसके बावजूद बताया जा रहा है कि केवल गिनती के दुकानदार ही आवंटित दुकानों में बैठ रहे हैं।

अधिकांश दुकानदार अब भी सड़क किनारे अपनी दुकानें लगा रहे हैं। सड़क पर सब्जी और अन्य सामान की दुकानें लगने से वाहनों के साथ पैदल चलने वाले लोगों के लिए भी जगह कम पड़ रही है।

नगर परिषद की योजना का उद्देश्य सड़क किनारे लगने वाली दुकानों को व्यवस्थित तरीके से बाजार में स्थानांतरित करना था। लेकिन आवंटित दुकानों का इस्तेमाल नहीं होने से योजना का अपेक्षित लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है।

सड़क पर दुकानें लगने से बढ़ रही परेशानी

सड़क पर दुकानों के कारण कपाली क्षेत्र में आवागमन प्रभावित होने की शिकायत सामने आ रही है। खरीदारी करने आने वाले लोग भी सड़क किनारे ही रुकते हैं, जिससे जाम की स्थिति और गंभीर हो जाती है।

एक तरफ नगर परिषद ने दुकानदारों के लिए सुविधाजनक व्यवस्था तैयार की है, वहीं दूसरी तरफ कई दुकानदार आवंटित दुकानों का इस्तेमाल करने के बजाय सड़क पर ही कारोबार कर रहे हैं। इससे स्थानीय लोगों के बीच भी नाराजगी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सभी दुकानदार आवंटित दुकानों में ही कारोबार करें तो सड़क पर लगने वाली दुकानों से होने वाली परेशानी काफी हद तक कम हो सकती है।

दुकान बेचने की चर्चा, जांच की जरूरत

स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी है कि कुछ दुकानदार अपने नाम पर आवंटित दुकान को बेचने की कोशिश कर रहे हैं। इसी वजह से वे आवंटित दुकान में बैठने के बजाय सड़क पर कारोबार कर रहे हैं और दोबारा दुकान आवंटित होने की उम्मीद कर रहे हैं।

हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में यह जांच का विषय है कि आवंटित दुकानों का वास्तविक उपयोग कौन कर रहा है और कितनी दुकानें खाली पड़ी हैं।

योजना का उद्देश्य तभी पूरा होगा जब दुकानें होंगी संचालित

कपाली नगर परिषद द्वारा फुटपाथ दुकानदारों को व्यवस्थित करने के लिए 110 दुकानों का निर्माण और आवंटन किया गया था। लेकिन यदि आवंटित दुकानों का इस्तेमाल नहीं होता और सड़क पर ही दुकानें लगती रहती हैं, तो योजना का मूल उद्देश्य पूरा नहीं हो पाएगा।

अब जरूरत इस बात की है कि नगर परिषद आवंटित दुकानों की स्थिति की समीक्षा करे और यह सुनिश्चित करे कि दुकानदार निर्धारित स्थान पर ही कारोबार करें। इससे बाजार को व्यवस्थित करने के साथ सड़क पर लगने वाले जाम और आम लोगों की परेशानी को भी कम किया जा सकता है।

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