रानीगंज: चीनी की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी और कालाबाजारी की शिकायतों के बीच प्रशासन ने रानीगंज में जांच अभियान शुरू किया है। शनिवार सुबह से औद्योगिक शहर रानीगंज के विभिन्न चीनी और खाद्य सामग्री के गोदामों तथा दुकानों पर संयुक्त रूप से छापेमारी की गई।
अभियान में आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट, जिलाधिकारी कार्यालय और खाद्य विभाग के अधिकारी शामिल रहे। इस दौरान डीसी सेंट्रल ध्रुव साहा समेत रानीगंज थाने के पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
चीनी की कीमत में अचानक बढ़ोतरी

स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले तक चीनी करीब 45 से 50 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रही थी। अब इसकी कीमत बढ़कर करीब 65 से 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की बात कही जा रही है।
चीनी के साथ प्याज, तेल और दाल समेत अन्य जरूरी खाद्य सामग्री की कीमतों में बढ़ोतरी से भी आम लोगों की परेशानी बढ़ी है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने बाजार में निगरानी बढ़ाई है।
गोदामों में स्टॉक और खरीद-बिक्री की जांच
प्रशासन की टीमों ने विभिन्न गोदामों और दुकानों में पहुंचकर भंडारण की स्थिति की जांच की। इसके अलावा खरीद और बिक्री की कीमतों में अंतर की भी पड़ताल की गई।
अभियान का उद्देश्य यह पता लगाना था कि कहीं अवैध तरीके से खाद्य सामग्री का भंडारण कर कृत्रिम संकट तो पैदा नहीं किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से बाजार में किसी भी तरह की कालाबाजारी पर नजर रखने की बात कही गई है।
एक-दो दुकानों को छोड़कर बड़ी गड़बड़ी नहीं मिली
छापेमारी के दौरान प्रशासनिक टीम ने कई स्थानों पर जांच की। अधिकारियों के अनुसार, रानीगंज में एक-दो दुकानों को छोड़कर फिलहाल कोई बड़ी गड़बड़ी सामने नहीं आई।
प्रशासन ने साफ किया है कि बाजार में खाद्य सामग्री की उपलब्धता और कीमतों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी, ताकि आम लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
आगे भी जारी रहेगा जांच अभियान
डीसी सेंट्रल ध्रुव साहा ने कहा कि किसी भी बेईमान व्यापारी के कारण आम लोगों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से आने वाले दिनों में भी ऐसे अभियान जारी रखे जाएंगे।
इस कार्रवाई के जरिए प्रशासन ने बाजार में खाद्य सामग्री के भंडारण और बिक्री को लेकर निगरानी बढ़ाने का संकेत दिया है।
न्यूज ANP के लिए पश्चिम बंगाल से अतीकुर रहमान की रिपोर्ट।

