केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने फार्मिनोवा पुरस्कार समारोह-2026 में भारत के भविष्य और युवाओं की भूमिका पर बात की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के विकास को लेकर कई बड़े लक्ष्य तय किए हैं और इन लक्ष्यों को पूरा करने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी।
अमित शाह ने आजादी का अमृत महोत्सव का जिक्र करते हुए कहा कि भारत की आजादी के 75 साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री मोदी ने इसे खास तरीके से मनाने का फैसला किया था। इसका उद्देश्य केवल आजादी का जश्न मनाना नहीं था, बल्कि युवाओं को देश के अतीत, वर्तमान और भविष्य से जोड़ना भी था।
युवाओं को स्वतंत्रता संग्राम की जानकारी जरूरी
अमित शाह ने कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव के दौरान पहला लक्ष्य युवाओं को 1857 से 1947 तक चले स्वतंत्रता संग्राम की जानकारी देना था।
उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को यह जानना जरूरी है कि देश को आजादी दिलाने के लिए स्वतंत्रता सेनानियों ने कितना संघर्ष किया और कितने लोगों ने देश के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया।
आजादी के बाद भारत ने कितनी तरक्की की?
गृह मंत्री ने बताया कि दूसरा लक्ष्य युवाओं को आजादी के बाद भारत की उपलब्धियों के बारे में बताना था। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 1947 से 15 अगस्त 2022 तक भारत ने अलग-अलग क्षेत्रों में काफी प्रगति की है।
युवाओं को यह समझना चाहिए कि आजादी के बाद देश ने किन चुनौतियों का सामना किया और किस तरह इन चुनौतियों से आगे बढ़कर भारत ने विकास किया।
2047 का भारत युवाओं को बनाना है
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं के सामने सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य 2047 का भारत बनाने का रखा है। उन्होंने कहा कि जब भारत अपनी आजादी की 100वीं वर्षगांठ मनाएगा, तब देश कैसा होगा, इसका संकल्प आज की युवा पीढ़ी को लेना होगा।
उन्होंने कहा कि भारत के भविष्य को मजबूत बनाने में युवाओं की बड़ी भूमिका है। इसलिए युवाओं को देश के विकास के लक्ष्यों से जुड़कर काम करना चाहिए और 2047 के विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान देना चाहिए।

