नेपाल की बाढ़ का असर भारत में, गंडक नदी में बहकर आए गैस सिलिंडर और सामान

नेपाल की बाढ़ का असर भारत में, गंडक नदी में बहकर आए गैस सिलिंडर और सामान

नेपाल में आई बाढ़ और भूस्खलन का असर अब भारत के सीमावर्ती इलाकों में भी दिखाई देने लगा है। नेपाल से बहकर गंडक नदी में आ रही लकड़ी, गैस सिलिंडर और घर में इस्तेमाल होने वाली कई चीजें बिहार के नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए चर्चा का विषय बन गई हैं।

वाल्मीकिनगर से कैलाशनगर तक कई जगहों पर ग्रामीणों को नदी में बहकर आए सामान मिल रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या में गैस सिलिंडर भी शामिल हैं।

नदी में मिले कई गैस सिलिंडर

स्थानीय लोगों के मुताबिक, अलग-अलग इलाकों में करीब 300 गैस सिलिंडर मिलने की जानकारी सामने आई है। वाल्मीकिनगर में करीब 200, मंगलपुर में 50 से 60 और मलकौली में करीब 30 सिलिंडर मिलने की बात कही जा रही है।

नदी में सिलिंडर और अन्य सामान देखकर लोगों की भीड़ नदी किनारे जमा हो रही है।

हालांकि, विशेषज्ञों और प्रशासन की जांच के बिना इन सिलिंडरों को छूना या घर ले जाना खतरनाक हो सकता है। लंबे समय तक पानी में रहने के कारण सिलिंडर खराब या क्षतिग्रस्त हो सकते हैं और गैस रिसाव का खतरा भी हो सकता है।

मछुआरों को मिली बड़ी मात्रा में मछली

बाढ़ के तेज बहाव के साथ बड़ी संख्या में मछलियां भी भारतीय हिस्से में पहुंची हैं। वाल्मीकिनगर के मछुआरों को करीब डेढ़ क्विंटल गोजटा मछली मिलने की जानकारी सामने आई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज पानी के बहाव के कारण कई जगहों पर छोटी-बड़ी मछलियां जाल में बड़ी संख्या में फंस रही हैं।

लकड़ी निकालने के लिए नदी में उतर रहे लोग

नेपाल से बहकर आई लकड़ियों और दूसरी चीजों को निकालने के लिए कुछ ग्रामीण नावों का सहारा ले रहे हैं। कई जगहों पर लोग पानी में उतरकर या तैरकर भी सामान निकालते नजर आ रहे हैं।

हालांकि, गंडक नदी में इस समय पानी का बहाव तेज है। ऐसे में नदी में उतरना बेहद खतरनाक हो सकता है। तेज धारा में हादसा होने का खतरा बना हुआ है।

लोगों से सावधानी बरतने की अपील

नेपाल की आपदा के बाद नदी में बहकर आई चीजें लोगों के लिए आकर्षण का कारण जरूर बनी हैं, लेकिन इन्हें उठाते समय सावधानी जरूरी है।

खासकर गैस सिलिंडर को बिना जांच के घर ले जाना जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे सिलिंडर मिलने पर लोगों को खुद नदी में उतरने के बजाय स्थानीय प्रशासन को इसकी जानकारी देनी चाहिए।

नेपाल में आई आपदा ने जहां वहां के लोगों के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी कर दी है, वहीं इसका असर अब भारत के सीमावर्ती इलाकों में भी साफ दिखाई दे रहा है।

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