जमुई: बिहार के जमुई जिले में करीब 34 साल बाद एक बार फिर किसी महिला अधिकारी को उप विकास आयुक्त (DDC) की जिम्मेदारी मिलने जा रही है। आईएएस अधिकारी शिप्रा विजय कुमार चौधरी शुक्रवार को जमुई की नई उप विकास आयुक्त के रूप में पदभार संभालेंगी।
वह निवर्तमान डीडीसी सुभाष चंद्र मंडल से पदभार लेंगी।
1992 में पहली महिला बनी थीं डीडीसी
जमुई में पहली बार 1992 में महिला अधिकारी मृदुला सिन्हा ने उप विकास आयुक्त का पद संभाला था। उन्होंने जुलाई 1992 से 16 नवंबर 1992 तक इस पद पर काम किया था।
इसके बाद करीब तीन दशक से ज्यादा समय तक इस पद पर कोई महिला अधिकारी नहीं आईं। 1992 से 2025 तक जमुई में कुल 28 डीडीसी रहे, लेकिन मृदुला सिन्हा के बाद सभी अधिकारी पुरुष रहे।
अब शिप्रा चौधरी संभालेंगी जिम्मेदारी
2023 बैच की आईएएस अधिकारी शिप्रा चौधरी के पदभार संभालने के साथ ही यह लंबा अंतराल खत्म हो जाएगा।
डीडीसी के तौर पर उनके सामने जिले की कई महत्वपूर्ण विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी। इनमें ग्रामीण विकास, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, पंचायत स्तर की योजनाएं और अन्य सरकारी विकास कार्यक्रम शामिल हैं।
आईएएस अधिकारी की फिर हुई वापसी
जमुई के डीडीसी पद पर आईएएस अधिकारियों की भी समय-समय पर नियुक्ति होती रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 1992 से 2005 के बीच इस पद पर कई आईएएस अधिकारियों ने जिम्मेदारी संभाली थी।
इसके बाद लंबे अंतराल के बाद आरिफ अहसन ने 27 अगस्त 2020 को जमुई के डीडीसी का पद संभाला था। वह मई 2022 तक इस पद पर रहे।
अब करीब चार साल बाद एक बार फिर आईएएस अधिकारी को जमुई का डीडीसी बनाया गया है।
शिप्रा चौधरी से विकास को लेकर उम्मीदें
शिप्रा चौधरी के पदभार संभालने के बाद जिले में चल रही विकास योजनाओं की निगरानी और उनके बेहतर तरीके से लागू होने पर ध्यान रहने की उम्मीद है।
हालांकि, नई डीडीसी की प्राथमिकताएं क्या होंगी और उनकी कार्यशैली कैसी रहेगी, यह पदभार संभालने के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल उनके आने से प्रशासनिक स्तर पर नई उम्मीदें जरूर जगी हैं।

