धनबाद। रक्षाबंधन के अवसर पर सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से धनबाद में ‘राखी फॉर रोड सेफ्टी’ अभियान चलाया गया। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन के निर्देश पर आयोजित इस अभियान में स्कूली बच्चों ने प्रमुख चौराहों पर वाहन चालकों को रक्षासूत्र बांधकर सुरक्षित सफर का संकल्प दिलाया।
अभियान का उद्देश्य लोगों को यातायात नियमों के पालन के प्रति संवेदनशील बनाना और सड़क सुरक्षा को लेकर जिम्मेदारी का भाव विकसित करना रहा।
बच्चों ने वाहन चालकों को बांधी राखी

अभियान के दौरान विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं शहर के प्रमुख चौराहों पर मौजूद रहे। बच्चों ने दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों की कलाई पर राखी बांधी और उनसे अपनी तथा दूसरों की सुरक्षा का ध्यान रखने का वचन लिया।
बच्चों ने वाहन चालकों से दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने, चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाने और तेज गति से वाहन नहीं चलाने की अपील की। साथ ही यातायात संकेतों और नियमों का पालन करने का संकल्प भी दिलाया गया।
पांच प्रमुख चौराहों पर चला अभियान
जिला प्रशासन के अनुसार, सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक धनबाद के पांच प्रमुख स्थानों पर चरणबद्ध तरीके से जागरूकता अभियान चलाया गया। इसमें सिटी सेंटर चौक, पूजा टॉकीज, स्टील गेट, गोल बिल्डिंग और मेमको मोड़ शामिल रहे।
अभियान के दौरान बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले लोगों को रोककर बच्चों ने उन्हें सड़क सुरक्षा और जीवन की अहमियत समझाई। वाहन चालकों और राहगीरों ने भी बच्चों के इस प्रयास की सराहना की।
हेलमेट और सीट बेल्ट के पालन की अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की कि सड़क सुरक्षा नियमों को केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया जाए। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करने के साथ ओवरस्पीडिंग से बचने की अपील की गई।
प्रशासन ने कहा कि यातायात नियमों का पालन करने से सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जन-धन की क्षति को कम करने में मदद मिल सकती है।
‘राखी का वचन—सुरक्षित सफर का संकल्प’
रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित इस अभियान के जरिए सड़क सुरक्षा को भावनात्मक संदेश से जोड़ने का प्रयास किया गया। बच्चों द्वारा बांधी गई राखी के माध्यम से वाहन चालकों को अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार बनने का संदेश दिया गया।
“राखी का वचन सुरक्षित सफर का संकल्प।”

