दिल्ली में मानसून के दौरान स्वाइन फ्लू, डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने मंगलवार को हाई लेवल बैठक बुलाई।
यह बैठक दिल्ली सचिवालय में हुई, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के साथ MCD, NDMC और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
अस्पतालों की तैयारियों की होगी समीक्षा
बैठक में दिल्ली में इन बीमारियों की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की गई। अधिकारियों से संभावित मामलों और बीमारी को रोकने के लिए किए जा रहे काम की जानकारी ली जा रही है।
इसके अलावा अस्पतालों में मरीजों के इलाज, बेड, दवाइयों और दूसरी जरूरी सुविधाओं की तैयारियों की भी समीक्षा की जा रही है।
डेंगू-मलेरिया की रोकथाम पर जोर
मानसून के दौरान पानी जमा होने से मच्छरों की संख्या बढ़ सकती है। इससे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।
ऐसे में सरकार का फोकस मच्छरों की रोकथाम और बीमारी के मामलों की समय पर पहचान पर है। अधिकारियों को फील्ड स्तर पर निगरानी मजबूत करने के निर्देश दिए जा सकते हैं।
विभागों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर
बैठक में स्वास्थ्य विभाग, MCD, NDMC और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड के बीच बेहतर तालमेल पर भी चर्चा की जा रही है।
सरकार की कोशिश है कि अगर किसी इलाके में बीमारी के मामले बढ़ते हैं तो वहां तुरंत जरूरी कदम उठाए जा सकें और संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
मानसून में लोगों को सुरक्षित रखने की तैयारी
स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य मानसून के दौरान बीमारियों पर लगातार नजर रखना और अस्पतालों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखना है।
सरकार चाहती है कि स्वाइन फ्लू, डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के संभावित मामलों की जल्द पहचान हो और जरूरत पड़ने पर तुरंत इलाज और रोकथाम की कार्रवाई की जा सके।

