जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन को खत्म कराने के दौरान केंद्र सरकार की ओर से किए गए वादों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने सरकार पर निशाना साधा है। सीजेपी ने रविवार, 23 अगस्त को कहा कि आंदोलन खत्म होने के बाद सरकार को अपने सभी वादे पूरे करने चाहिए।
सीजेपी ने आरोप लगाया कि सरकार आंदोलन खत्म कराने के समय युवाओं से वादे करती है, लेकिन प्रदर्शन खत्म होने और सड़कें खाली होने के बाद उन्हीं वादों से पीछे हटने की कोशिश करती है।
युवाओं से किए वादे पूरे करने की मांग
सीजेपी ने कहा कि भारत के युवाओं से किए गए वादों को केवल कागजों पर नहीं, बल्कि उनकी भावना के अनुरूप भी लागू किया जाना चाहिए। पार्टी ने सरकार से मांग की कि आंदोलन के दौरान किए गए सभी वादों को जल्द पूरा किया जाए।
एफआईआर की लिस्ट नहीं देने का आरोप
सीजेपी के मुताबिक, छात्र आंदोलन के दौरान दर्ज एफआईआर को रद्द करने के मामले में कोर्ट की ओर से कई बार जानकारी मांगी गई है। इसके बावजूद सरकार ने अभी तक संबंधित एफआईआर की सूची उपलब्ध नहीं कराई है।
सीजेपी ने आरोप लगाया कि आंदोलन वापस लेने के लिए सरकार की ओर से संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में किए गए वादों के बावजूद अब उन पर देरी की जा रही है।
पार्टी ने कहा कि वादों को कमजोर करने, उनमें देरी करने या उनका अलग अर्थ निकालने की किसी भी कोशिश को युवाओं के साथ विश्वासघात माना जाएगा।
24 अगस्त को बैठक, आगे के आंदोलन का संकेत
सीजेपी ने आगे की रणनीति को लेकर 24 अगस्त को बैठक करने की बात कही है। पार्टी ने संकेत दिया है कि अगर सरकार ने अपने वादे पूरे नहीं किए तो दोबारा आंदोलन किया जा सकता है।
सीजेपी ने देशभर के छात्रों, युवाओं, समर्थकों और अपने कार्यकर्ताओं से 24 अगस्त को होने वाले अगले घटनाक्रम के लिए तैयार रहने की अपील की है।
पार्टी ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के बाद धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा, लेकिन युवाओं से किए गए वादे पूरे होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

