मुख्य न्यायाधीश CJI सूर्यकांत ने शुक्रवार को कहा कि सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान उनकी कुछ टिप्पणियों को गलत तरीके से पेश किया गया। उन्होंने कहा कि जो बात उन्होंने कही ही नहीं, उसे इस तरह दिखाया गया जैसे उन्होंने वह बात कही हो।
डीडी न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में CJI सूर्यकांत ने कहा कि उनकी टिप्पणी का गलत इस्तेमाल किया गया और इसे देश के युवाओं को गुमराह करने के लिए इस्तेमाल किया गया। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण और गलत नीयत वाला प्रयास बताया।
सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप्स पर जताई चिंता
CJI ने सोशल मीडिया पर कोर्ट की सुनवाई के छोटे-छोटे वीडियो क्लिप्स वायरल होने पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कई बार ऐसे क्लिप्स बिना पूरे संदर्भ के शेयर किए जाते हैं, जिससे लोगों के बीच गलत जानकारी पहुंच सकती है।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया या किसी भी दूसरे माध्यम से जुड़े लोगों के कुछ अधिकार हैं, लेकिन उनके साथ कुछ संवैधानिक जिम्मेदारियां भी जुड़ी हैं।
अधिकारों के साथ जिम्मेदारियां भी जरूरी
CJI सूर्यकांत ने कहा कि हर व्यक्ति को अपने अधिकारों के साथ-साथ अपनी जिम्मेदारियों को भी समझना चाहिए। उन्होंने लोगों से समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए जिम्मेदारी से काम करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि किसी भी बयान या कोर्ट की कार्यवाही को साझा करने से पहले उसके सही संदर्भ को समझना जरूरी है, ताकि लोगों को गुमराह होने से बचाया जा सके।

