भारत में अब 10 और 20 रुपये के प्लास्टिक नोट लाने की तैयारी शुरू हो गई है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में लिखित जवाब में इसकी जानकारी दी।
पायलट प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी
सरकार ने रिजर्व बैंक के उस प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिसमें 10 और 20 रुपये के प्लास्टिक नोटों का ट्रायल किया जाएगा। फिलहाल सरकार ने 100 करोड़ 10 रुपये के नोट और 100 करोड़ 20 रुपये के नोट छापने की मंजूरी दी है। इसके लिए टेंडर भी जारी किया जा चुका है। टेंडर जमा करने की आखिरी तारीख 18 अगस्त बताई गई है। हालांकि, ये प्लास्टिक नोट आम लोगों के बीच कब से चलन में आएंगे, इसकी तारीख अभी तय नहीं हुई है।
पुराने कागज के नोट चलते रहेंगे
सरकार ने साफ किया है कि अभी चल रहे 10 और 20 रुपये के कागजी नोट बंद नहीं होंगे। वे पहले की तरह बाजार में चलते रहेंगे।
अगर प्लास्टिक नोटों का ट्रायल सफल रहता है, तो भविष्य में धीरे-धीरे प्लास्टिक करेंसी का इस्तेमाल बढ़ाया जा सकता है।
कई देशों में पहले से चल रहे हैं प्लास्टिक नोट
दुनिया के कई देशों में प्लास्टिक नोट पहले से इस्तेमाल किए जा रहे हैं। इनमें ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड, रोमानिया, वियतनाम, ब्रुनेई, मालदीव और त्रिनिदाद एंड टोबैगो जैसे देश शामिल हैं।
ऑस्ट्रेलिया में 1990 से प्लास्टिक करेंसी का इस्तेमाल किया जा रहा है।
प्लास्टिक की करेंसी के कई फायदे हैं। प्लास्टिक के नोट ड्यूरेबिल होते हैं। न गंदे होते हैं, न कटते फटते हैं। छपाई का खर्चा बचता है। नकली करेंसी की गुंजाइश खत्म हो जाती है और कागज की बचत भी होती है। जो पर्यावरण के लिए अच्छा भी है।
हाल ही में ये खबर सामने आई थी कि जल्द ₹10 और ₹20 के प्लास्टिक नोट आएंगे! RBI के प्रस्ताव को सरकार की हरी झंडी मिली थी। RBI के अनुसार, दुनिया के कई देशों में हुए अध्ययनों से पता चला है कि पॉलिमर नोट सामान्य कागज के नोटों की तुलना में कहीं ज्यादा टिकाऊ होते हैं।

