रांची/धनबाद, 11 अगस्त 2026: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र में सचेतक सह धनबाद विधायक राज सिन्हा ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दे उठाए। उन्होंने उत्क्रमित +2 विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति, 334 अभ्यर्थियों की लंबित नियुक्ति प्रक्रिया, बीएड शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मियों की सेवा संबंधी विसंगतियों और बीएड विद्यार्थियों की फीस में अंतर का मुद्दा विधानसभा में रखा।
विधायक राज सिन्हा ने सरकार से शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मामलों में स्पष्ट नीति बनाने और समयबद्ध तरीके से कार्रवाई करने की मांग की।
उत्क्रमित +2 विद्यालयों में शिक्षक पद सृजन की मांग
राज सिन्हा ने कहा कि राज्य में कई उच्च विद्यालयों को +2 विद्यालयों में उत्क्रमित किया गया है, लेकिन उनके अनुरूप आवश्यक शिक्षक पदों का सृजन और पदस्थापन नहीं होने से शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
उन्होंने सरकार से उत्क्रमित +2 विद्यालयों में जरूरत के अनुसार माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक स्तर के शिक्षकों के पद सृजित करने तथा नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की मांग की।
विधायक के अनुसार, केवल विद्यालय का उन्नयन पर्याप्त नहीं है, बल्कि विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
334 अभ्यर्थियों की नियुक्ति का मुद्दा उठाया
विधायक ने वर्ष 2023 की स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षक प्रतियोगिता परीक्षा से जुड़े 334 अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया लंबित रहने का मुद्दा भी उठाया।
उन्होंने कहा कि प्रमाण-पत्र सत्यापन के बाद भी नियुक्ति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने से अभ्यर्थियों के सामने अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने सरकार से संबंधित चयन प्रक्रिया को जल्द पूरा कर योग्य 334 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देने की मांग की।
राज सिन्हा ने कहा कि इससे युवाओं को रोजगार मिलने के साथ विद्यालयों में शिक्षकों की कमी भी दूर करने में मदद मिलेगी।
बीएड शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मियों की सेवा सुविधाओं का मुद्दा
धनबाद विधायक ने विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले बीएड महाविद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मियों से जुड़े मामलों को भी विधानसभा में उठाया।
उन्होंने कहा कि इन संस्थानों में वेतन, कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) और अन्य सेवा सुविधाओं से संबंधित विसंगतियों को दूर किया जाना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मियों के लिए समान और सम्मानजनक सेवा शर्तें, वेतनमान, EPF तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग की।
बीएड फीस में अंतर दूर करने की मांग
राज सिन्हा ने विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय, विनोबा भावे विश्वविद्यालय और संबंधित महाविद्यालयों में संचालित बीएड पाठ्यक्रमों की फीस में अंतर का विषय भी उठाया।
उन्होंने कहा कि एक ही प्रकार के व्यावसायिक पाठ्यक्रम के लिए अलग-अलग शुल्क विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ डाल सकता है। उन्होंने सरकार और विश्वविद्यालय स्तर पर पहल कर फीस में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने तथा विद्यार्थियों के हित में समान और तर्कसंगत शुल्क व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
शिक्षा व्यवस्था में समयबद्ध फैसलों की मांग
राज सिन्हा ने कहा कि विद्यार्थियों, युवाओं और शिक्षकों से जुड़े मामलों में निर्णय लेने में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से 334 अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने, उत्क्रमित +2 विद्यालयों में शिक्षक पद सृजित करने और विषयवार शिक्षकों की नियुक्ति एवं पदस्थापन सुनिश्चित करने की मांग की।
उन्होंने बीएड शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मियों की सेवा संबंधी विसंगतियां दूर करने, वेतन और EPF जैसी सुविधाएं सुनिश्चित करने तथा बीएड विद्यार्थियों की फीस में असमानता खत्म करने की भी मांग रखी।
विधायक ने कहा कि राज्य के युवाओं, विद्यार्थियों और शिक्षकों से जुड़े मुद्दों को लेकर वे विधानसभा से लेकर सड़क तक अपनी आवाज उठाते रहेंगे।

