रांची में छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। सोमवार, 10 अगस्त को प्रदर्शनकारी छात्रों ने विधानसभा घेराव के लिए मार्च निकाला था। उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने विपक्षी दलों पर छात्रों के मुद्दे को लेकर दोहरी राजनीति करने का आरोप लगाया।
‘झारखंड पर सबने चुप्पी साध ली’
स्वाति मालीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि झारखंड में भर्ती से जुड़े कथित घोटाले के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज दुखद और निंदनीय है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने पहले छात्रों के मुद्दे को लेकर काफी राजनीति की, लेकिन अब झारखंड में छात्रों पर कार्रवाई के बाद सभी चुप हैं।
‘विपक्षी राज्य में छात्रों के लिए संघर्ष क्यों नहीं?’
स्वाति मालीवाल ने यह भी सवाल उठाया कि अगर विपक्षी दल छात्रों के मुद्दे को लेकर गंभीर हैं, तो विपक्षी पार्टी की सरकार वाले राज्य में छात्रों के समर्थन में आंदोलन क्यों नहीं कर रहे हैं? उन्होंने दावा किया कि AAP समर्थित CJP का कोई नेता छात्रों के साथ खड़ा नहीं हुआ। मालीवाल ने विपक्ष पर सवाल उठाते हुए कहा कि कुछ ही हफ्तों में उनका कथित दोहरापन सामने आ गया है। उन्होंने झारखंड सरकार से अपील की कि वह छात्रों से बातचीत करे और उनकी मांगों का समाधान निकाले।
पुलिस कार्रवाई के विरोध में झारखंड बंद!
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विधानसभा की ओर मार्च कर रहे अभ्यर्थियों पर की गई पुलिस कार्रवाई के विरोध में बीजेपी द्वारा आहूत बंद से मंगलवार (11 अगस्त) को राज्य के कुछ हिस्सों में जनजीवन प्रभावित रहा. वहीं राज्य विधानसभा की ओर मार्च कर रहे एबीवीपी के 110 कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया.
बता दें कि (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के कामकाज में व्यापक सुधारों और कई भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की मांग को लेकर छात्र राज्य में 25 जुलाई से आंदोलन कर रहे हैं.

