शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने महिला आरक्षण को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है। पार्टी ने केंद्र सरकार से महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को जल्द से जल्द लागू करने की मांग की है।
SAD के इस फैसले का केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने स्वागत किया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब एक दिन पहले ही SAD प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी।
रिजिजू ने किया फैसले का स्वागत
किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर SAD के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के उदाहरण का पालन करते हुए अकाली दल ने जो फैसला लिया है, वह महत्वपूर्ण है।
वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक के बाद लिया फैसला
SAD ने शनिवार, 8 अगस्त को चंडीगढ़ में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की। इसी बैठक के बाद पार्टी ने महिला आरक्षण विधेयक से जुड़े संविधान संशोधन को जल्द लागू करने की मांग का समर्थन किया।
बैठक के बाद सुखबीर सिंह बादल ने ‘एक्स’ पर कहा कि शिरोमणि अकाली दल सिख गुरुओं की शिक्षाओं से प्रेरणा लेता है। उन्होंने कहा कि सिख गुरुओं ने महिलाओं की गरिमा, समानता और समान अधिकारों का समर्थन किया है। महिला आरक्षण को लेकर SAD के इस रुख से आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक चर्चा और तेज होने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने ‘अपनी सभा में महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था करके पहले ही एक मिसाल कायम की है.’ बादल ने लिखा कि संसद में लंबित विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा के बाद शिरोमणि अकाली दल भी एक निष्पक्ष और न्यायपूर्ण परिसीमन की मांग करता है, जो सभी राज्यों के लिए समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करे.

