प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच गुरुवार को फोन पर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने भारत-इजरायल के संबंधों और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने पर चर्चा की।
मिडिल ईस्ट की स्थिति पर भी हुई बात
फोन पर हुई बातचीत में दोनों नेताओं ने मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) के मौजूदा हालात पर भी विचार-विमर्श किया। दोनों इस बात पर सहमत हुए कि वे आगे भी एक-दूसरे के संपर्क में बने रहेंगे।
रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर जोर
पीएम मोदी और नेतन्याहू ने रक्षा, तकनीक, व्यापार और अन्य क्षेत्रों में दोनों देशों के सहयोग को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही, दोनों नेताओं ने भारत-इजरायल रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की भी समीक्षा की।
गौरतलब है कि हाल के महीनों में मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव के बीच भारत लगातार शांति और बातचीत के जरिए समाधान की अपील करता रहा है।
1992 से हुए दोनों देशों राजनयिक संबंध स्थापित
भारत और इजरायल के बीच स्पेशल स्ट्रैटेजिक साझेदारी के स्तर पर रिश्ते हैं. यह मुख्य रूप से रक्षा, उच्च तकनीक, कृषि और गहरे रणनीतिक विश्वास पर आधारित रिश्ते हैं. दोनों देशों के बीच 1992 में औपचारिक तौर पर राजनयिक संबंध स्थापित हुए थे. कहा जाता है कि पीएम नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के दौरान इन देशों के रिश्तों को और ऊंचाई मिली है. इसी रणनीतिक साझेदारी को लेकर दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच फोन पर चर्चा हुई.
बिलियन डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार होता है
दोनों देशों के बीच 1992 में एक व्यापक रणनीतिक और सैन्य साझेदारी की शुरुआत हुई थी. इसमें बड़े पैमाने पर रक्षा सहयोग, संयुक्त हाई-टेक और एआई रिसर्च समेत 3.75 बिलियन डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार शामिल है.

