नई दिल्ली/धनबाद: धनबाद के सांसद ढुलू महतो ने लोकसभा में क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दे उठाते हुए केंद्र सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी। उन्होंने बेहतर रेल सुविधा, स्थानीय युवाओं के लिए आईटी क्षेत्र में रोजगार, धनबाद-बोकारो के पर्यावरण सुधार तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से विस्थापित परिवारों के पुनर्वास जैसे विषयों को संसद में प्रमुखता से रखा।
यशवंतपुर–धनबाद एक्सप्रेस को नियमित करने की मांग
सांसद ने गाड़ी संख्या 06563/06564 यशवंतपुर–धनबाद एक्सप्रेस स्पेशल को नियमित रूप से चलाने तथा उसका मार्ग बोकारो स्टील सिटी, रांची, राउरकेला और तिरुपति होकर निर्धारित करने का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि इससे यात्रा दूरी और समय दोनों में कमी आएगी तथा यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी।
रेल मंत्रालय ने अपने उत्तर में बताया कि यह स्पेशल ट्रेन फरवरी से अप्रैल 2026 तक अतिरिक्त यात्री मांग को देखते हुए चलाई गई थी। मंत्रालय ने यह भी जानकारी दी कि 23 मार्च 2026 से पोत्तनूर–धनबाद अमृत भारत एक्सप्रेस का संचालन शुरू किया गया है, जिससे क्षेत्र के यात्रियों को अतिरिक्त रेल सुविधा मिल रही है। सरकार ने स्पष्ट किया कि किसी ट्रेन का नियमित संचालन तकनीकी और परिचालन आवश्यकताओं के आधार पर तय किया जाता है।
धनबाद में सॉफ्टवेयर पार्क और आईटी उद्योग पर जोर
लोकसभा में सांसद ढुलू महतो ने धनबाद में आधुनिक सॉफ्टवेयर पार्क और उद्योग-अकादमिक नवाचार केंद्र स्थापित करने की आवश्यकता भी उठाई। उन्होंने कहा कि आईआईटी (आईएसएम), बीआईटी सिंदरी और सीएसआईआर-सीआईएमएफआर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हर वर्ष बड़ी संख्या में तकनीकी छात्र निकलते हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर आईटी उद्योग के सीमित अवसरों के कारण उन्हें अन्य राज्यों का रुख करना पड़ता है।
सरकार ने अपने उत्तर में बताया कि आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के माध्यम से लगभग 150 स्टार्टअप को इनक्यूबेशन सहायता प्रदान की जा रही है। इसके अलावा बीआईटी सिंदरी परिसर में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) केंद्र कार्यरत है, जहां स्टार्टअप, साइबर सुरक्षा, हाई-स्पीड डेटा सेवाओं और आईटी अवसंरचना की सुविधा उपलब्ध है।
पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण पर जानकारी
सांसद ने धनबाद-बोकारो क्षेत्र में औद्योगिक प्रदूषण, वायु गुणवत्ता, भूजल संरक्षण और हरित पट्टी विकास से संबंधित योजनाओं पर भी सरकार से जानकारी मांगी। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने बताया कि वर्ष 2018 के मूल्यांकन में धनबाद का सीईपीआई स्कोर 59.78 दर्ज किया गया था और इसे अन्य प्रदूषित क्षेत्र (OPA) की श्रेणी में रखा गया है।
मंत्रालय ने बताया कि राष्ट्रीय हरित भारत मिशन, नगर वन योजना, वृक्षारोपण अभियान तथा “एक पेड़ मां के नाम” जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही वायु गुणवत्ता की निगरानी और पूर्वानुमान के लिए आधुनिक प्रणाली भी संचालित की जा रही है।
विस्थापित परिवारों के पुनर्वास का मुद्दा भी उठाया
लोकसभा में सांसद ने सार्वजनिक क्षेत्र के इस्पात उपक्रमों से प्रभावित विस्थापित परिवारों के पुनर्वास और रोजगार से जुड़े मामलों को भी उठाया। इस्पात मंत्रालय ने अपने उत्तर में बताया कि संबंधित सार्वजनिक उपक्रमों में पुनर्वास राज्य सरकारों की नीतियों और लागू नियमों के अनुरूप किया जाता है। मंत्रालय के अनुसार अब तक 35 हजार से अधिक विस्थापित व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है तथा लंबित मामलों का निपटारा संबंधित राज्य सरकारों और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर किया जाता है।
क्षेत्रीय विकास को बताया प्राथमिकता
सांसद ढुलू महतो ने कहा कि धनबाद संसदीय क्षेत्र में बेहतर रेल सुविधा, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, आधुनिक औद्योगिक एवं आईटी ढांचे का विस्तार, स्वच्छ पर्यावरण और विस्थापित परिवारों के अधिकार उनकी प्राथमिकता हैं। उन्होंने कहा कि संसद के माध्यम से क्षेत्र की समस्याओं और जनहित के मुद्दों को लगातार केंद्र सरकार के समक्ष उठाते रहेंगे।

