धनबाद: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर-2026) कार्यक्रम को पारदर्शी और त्रुटिरहित तरीके से पूरा करने के उद्देश्य से धनबाद विधानसभा क्षेत्र के बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) एवं बीएलओ सुपरवाइजरों के लिए न्यू टाउन हॉल में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का संचालन धनबाद विधानसभा के निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सह अनुमंडल दंडाधिकारी लोकेश बारंगे की देखरेख में हुआ।
दावा एवं आपत्ति के त्वरित निस्तारण पर दिया गया जोर
प्रशिक्षण के दौरान बीएलओ एवं सुपरवाइजरों को मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन से जुड़े फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 के समयबद्ध एवं पारदर्शी निस्तारण के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि प्रत्येक दावा और आपत्ति का स्थल सत्यापन निष्पक्षता और निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि मतदाता सूची पूरी तरह त्रुटिरहित तैयार हो सके।
सुपरवाइजरों को मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी
अनुमंडल दंडाधिकारी ने बीएलओ सुपरवाइजरों को अपने-अपने क्षेत्र के बीएलओ के कार्यों की नियमित निगरानी करने और शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की गुणवत्ता बनाए रखने में सुपरवाइजरों की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है, जितनी बीएलओ की।
दावा-आपत्ति का पूरा कार्यक्रम घोषित
प्रशिक्षण के दौरान मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम की समय-सीमा भी साझा की गई। अधिकारियों ने बताया कि 5 अगस्त 2026 को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद 5 अगस्त से 4 सितंबर 2026 तक पात्र नागरिक दावा एवं आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। वहीं 5 अगस्त से 3 अक्टूबर 2026 के बीच प्राप्त आवेदनों का सत्यापन एवं निस्तारण किया जाएगा। इसके बाद 7 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
मतदाताओं से समय पर आवेदन करने की अपील
प्रशासन ने सभी मतदाताओं से अपील की कि वे अपनी मतदाता संबंधी जानकारी का समय रहते सत्यापन कर लें। यदि नाम जोड़ने, हटाने या किसी प्रकार के संशोधन की आवश्यकता हो तो संबंधित बीएलओ के माध्यम से निर्धारित अवधि में आवेदन अवश्य करें। अधिकारियों ने कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करना और सूची को त्रुटिरहित बनाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।
धनबाद विधानसभा के अलावा बाघमारा और झरिया विधानसभा क्षेत्रों के बीएलओ एवं बीएलओ सुपरवाइजरों के लिए भी संबंधित क्षेत्रों में इसी प्रकार का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, ताकि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सके।

